‘ई-रिक्शा नहीं, भारत टैक्सी की बात कर रहा था’, वायरल बयान पर ब्रजेश पाठक की सफाई

गाजियाबाद में पत्रकारों के सवाल पर बोले डिप्टी सीएम- पूरा और मूल वीडियो देखने से स्पष्ट होगा मामला

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ई-रिक्शा चलाने की सलाह वाले अपने वायरल बयान को लेकर सफाई दी है। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को गाजियाबाद पहुंचे डिप्टी सीएम से पत्रकारों ने वायरल वीडियो को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया है और वह ई-रिक्शा नहीं, ‘भारत टैक्सी’ योजना की बात कर रहे थे।

ब्रजेश पाठक ने कहा, “पूरा बयान सुनिए, मैं ई-रिक्शा नहीं भारत टैक्सी की बात कर रहा था।” पत्रकारों द्वारा वीडियो में ई-रिक्शा का जिक्र होने की बात पूछे जाने पर उन्होंने बार-बार मूल वीडियो देखने की बात कही।

भारत टैक्सी से जुड़कर स्वरोजगार की बात

डिप्टी सीएम ने बताया कि लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार के लिए इस योजना से जुड़ने की बात कही थी। उनके अनुसार भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की योजना है, जिसमें टैक्सी मालिक या चालक के रूप में जुड़ने वालों को संस्था में भागीदारी और शेयरधारक बनने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना था और इसी संदर्भ में भारत टैक्सी से जुड़ने की बात कही गई थी।

वायरल वीडियो में नौकरी के बजाय ई-रिक्शा चलाने की बात

इससे पहले वायरल हुए वीडियो में ब्रजेश पाठक युवाओं से नौकरी के पीछे नहीं भागने और ई-रिक्शा या टैक्सी चलाकर स्वरोजगार करने की बात कहते नजर आए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बयान 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, जहां उन्होंने ड्राइवरों को स्वरोजगार के फायदे और परिवार के साथ समय बिताने की बात भी कही थी।

अब गाजियाबाद में ब्रजेश पाठक ने वायरल क्लिप के संदर्भ में अपना पक्ष रखते हुए लोगों से पूरा और मूल वीडियो देखने की अपील की है।

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