बिना 1 रुपया दिए दिन में जितनी बार चाहें करें बस में सफर, जानें किसे मिलेगा फायदा

Vetri Payanam Scheme: गांधी जयंती के मौके पर तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को और व्यापक कर दिया है। ‘वेत्री पयनम’ योजना के विस्तार से अब रोजाना लगभग 84.32 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।

अच्छी बात ये है कि इस सुविधा के लिए किसी तरह की आय सीमा तय नहीं की गई है। महिलाएं दिन में कितनी बार बस से सफर करती हैं, इस पर भी कोई सीमा नहीं रखी गई है।

अब ज्यादा बसों में बिना किराए सफर

योजना के विस्तार से निःशुल्क यात्रा का लाभ अब पहले की तुलना में अधिक बस सेवाओं में मिलेगा। इसमें डीलक्स, एक्सप्रेस, मोफुसिल ऑर्डिनरी और चुनिंदा पहाड़ी रूट की बसें शामिल की गई हैं।

सरकार ने इस सुविधा के लिए राज्य के सात परिवहन निगमों की 12,695 बसों को योजना से जोड़ा है। इसका सीधा असर उन महिलाओं पर पड़ेगा जो रोजाना काम, पढ़ाई, कारोबार या दूसरे जरूरी कामों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं।

यात्रा खर्च कम होने से बढ़ेंगे मौके

सरकार का कहना है कि बस किराए का बोझ कम होने से महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए शिक्षा और रोजगार तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही रोजमर्रा की आवाजाही पर होने वाला खर्च घटने से उनकी आजीविका और आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

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योजना की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बसों में सफर कर रही महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने यात्रियों से बातचीत की और कार्यक्रम में निःशुल्क टिकट भी बांट दिए।

‘वेत्री पयनम’ नाम का क्या मतलब है?

‘वेत्री पयनम’ नाम सत्ताधारी दल तमिलगा वेत्री कझगम से जुड़ा है। तमिल भाषा में इसका अर्थ ‘विजयी यात्रा’ बताया गया है।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने योजना को बड़ी सामाजिक पहल बताया। उनके मुताबिक इसका मकसद यात्रा के खर्च को महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों की पढ़ाई, नौकरी, आजीविका और आर्थिक प्रगति के रास्ते में रुकावट बनने से रोकना है।

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