सपा नेताओं ने शहीद चौक पर दिया धरना, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

रायबरेली में सपा नेताओं पर पुलिस लाठीचार्ज से आक्रोश : सस्पेंशन की मांग को लेकर महामहिम राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

रायबरेली। शहर के फिरोज़ गांधी डिग्री कॉलेज के पास से शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज व अभद्रता के विरोध में आज डिग्री कॉलेज चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। सपा नेताओं ने स्थानीय कोतवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर बताया, 17 सितंबर 2026 को समाजवादी छात्र सभा रायबरेली के जिलाध्यक्ष शुभम् लोहिया के नेतृत्व में फिरोज़ गांधी डिग्री कॉलेज के गेट पर शांतिपूर्ण छात्र जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। आरोप है कि उसी समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर बहस और मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष ने मामले की जानकारी स्थानीय कोतवाल शिवशंकर सिंह और सीओ को दी।
उन्होंने बताया कि मैं स्वयं मौके पर पहुंचे, तो आरोप है कि कोतवाल शिवशंकर सिंह ने उनसे अभद्रता की और पुलिस बल का प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ते हुए पार्टी का बैनर फाड़ दिया। इसके विरोध में सपा नेता स्थानीय शहीद चौक पर धरने पर बैठ गए।

ज्ञापन के माध्यम से सीओ सदर डॉ. आशीष निगम के कहने पर सपा जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव, विधायक राहुल लोधी और विधायक श्याम सुंदर भारती बातचीत के लिए सीओ कार्यालय पहुंचे। जब सभी नेता पुलिस अधीक्षक (एसपी) से वार्ता के लिए लगभग एक घंटे से इंतजार कर रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस बल और आला अधिकारी वहां पहुंच गए।

आरोप है कि अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली, स्थानीय सीओ और कोतवाल की मौजूदगी में पुलिस ने सपा विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में विधायक राहुल लोधी, विधायक श्याम सुंदर भारती, जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव सहित कई कार्यकर्ता चोटिल हो गए।

*कोतवाल का विवादित बयान और अभद्र व्यवहार

राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि लाठीचार्ज के दौरान कोतवाल शिवशंकर सिंह का व्यवहार पूरी तरह एकपक्षीय और पुलिस मर्यादा के विरुद्ध था। घटना के दौरान कोतवाल ने कथित तौर पर सपा नेताओं को धमकाते हुए कहा, “सबको गिन-गिन कर मारूंगा, तुम्हारी नेतागीरी निकाल दूंगा।

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