अखिलेश यादव की तस्वीर वाले विवादित पोस्टरों से गाजियाबाद में सियासी हलचल

गाजियाबाद। शहर के प्रमुख मार्गों और व्यस्त चौराहों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर वाले कथित विवादित पोस्टर लगाए जाने के बाद गाजियाबाद में सियासी माहौल गरमा गया है। पोस्टरों में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर कथित टिप्पणी किए जाने के साथ ही ब्राह्मण, वैश्य और सवर्ण समाज के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
बताया गया कि रमते राम रोड, अंबेडकर रोड, गांधी नगर, चौधरी मोड़ समेत शहर के कई स्थानों पर अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए थे। पोस्टरों पर लिखी कथित जातिगत टिप्पणियों को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। पार्टी नेताओं ने इसे समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की छवि खराब करने की साजिश बताया है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किसकी भूमिका है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई और अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को हटवा दिया गया। पुलिस द्वारा पोस्टर लगाने वालों की पहचान और पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की तैयारी की जा रही है।
सपा नेताओं का कहना है कि शहर का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले और विवादित पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अखिलेश यादव की तस्वीर वाले ये विवादित पोस्टर आखिर किसने लगवाए और इसके पीछे उनका मकसद क्या था। जांच और पोस्टर लगाने वालों की पहचान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।



