जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में अभाविप ने फूंका झारखंड सरकार का पुतला

सीबीआई जांच और संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने की मांग, विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में जताया रोष

गाजियाबाद। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने झारखंड सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी क्रम में अभाविप गाजियाबाद महानगर के कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन कर झारखंड सरकार का पुतला दहन किया और रोष व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी एवं जेएसएससी से संबंधित संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने, पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय सीबीआई जांच कराने तथा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जांच के लिए गठित विशेष जांच दल में बार-बार बदलाव किए जाने से उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर विद्यार्थियों में सवाल खड़े हो रहे हैं।

अभाविप ने कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा की शुचिता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए उसे तत्काल रद्द करने की मांग भी दोहराई। संगठन का आरोप है कि विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि 10 अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछार करने तथा 11 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से रांची पहुंच रहे विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को रोकने की घटनाओं से सरकार का विद्यार्थी विरोधी रवैया सामने आया है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और प्रशासनिक दबाव के जरिए दबाया नहीं जा सकता। विद्यार्थियों को न्याय मिलने तक अभाविप का संघर्ष जारी रहेगा। संगठन की ओर से आगामी दिनों में जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने तथा जिले और शैक्षणिक परिसरों में आंदोलन एवं अभियान चलाने की बात कही गई।

अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि जल्द विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देशभर की विद्यार्थी शक्ति को लामबंद कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

Related Articles

Back to top button