दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई के आश्वासन पर शव के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए परिजन

ऊँचाहार, रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र में पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या किये जाने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्यवाई का आश्वासन मिलने पर परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम की कार्यवाई के लिए भेजा गया है।
ज्ञात हो कि बीकरगढ़ गाँव में बुधवार को माताबदल यादव के बेटे राजू यादव ने घर के भीतर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, सूचना पर पहुंची पुलिस के खिलाफ परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा, आरोप था कि राजू के हत्यारोपी बहनोई को हाजिर करने के दबाव में पुलिस द्वारा उसे प्रताड़ित किया गया और एनकाउंटर की धमकी से आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली थी।
जिसमें जैसे-जैसे समय बीतता गया परिजनों का आक्रोश बढ़ता गया, परिजनों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो, मामले को तूल पकड़ता देख अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के अलावा जगतपुर, गदागंज, डलमऊ, महराजगंज थाने की फोर्स मौके पर पहुंची, मामले के पटाक्षेप के लिए पुलिस ने बसवई गाँव के राजकुमार समेत आधा दर्जन लोगों के विरूद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित किये जाने का मामला दर्ज किया, लेकिन परिजन पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर अड़े रहे।
गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, एसडीएम विवेक राजपूत, सीओ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद मृतक के पिता माताबदल द्वारा कोतवाल ओमप्रकाश राय के निर्देश पर तीन नामजद व अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध बेटे को प्रताड़ित किये जाने की तहरीर देने पर अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच के बाद कार्यवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन शव के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
पीड़ित परिवार से मिले विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि
राजू यादव द्वारा आत्महत्या किये जाने के मामले में, बुधवार को सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, कांग्रेस नेता अतुल सिंह, पूर्व विधायक कुँअर अजय पाल सिंह व गुरुवार को पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य अशोक, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया ।
क्या पिंकी को मिल पायेगा न्याय ?
मृतक राजू यादव की करीबन तीन महीने पहले पिंकी से शादी हुई थी, पत्नी की मेहंदी का रंग भी नहीं छूटा था कि पुलिसिया उत्पीड़न ने उसकी मांग के सिंदूर को मिटा दिया। पिंकी चीख चीख कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कर्रवाई के लिए मांग करती रही।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर आरोप सही पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी। लेकिन क्या पिंकी को न्याय मिल पायेगा ये बड़ा सवाल है।


