क्या आपकी एक छोटी सी भूल ले सकती है बच्चे की जान, आज ही रट लें ये 5 स्कूल बस रूल्स

School Bus Safety: आजकल के व्यस्त जीवन में बच्चों को स्कूल बस से भेजना एक आम बात है। कई माता-पिता इस बात को लेकर चिंतित भी रहते हैं। घर से दूर स्कूल होने पर ट्रांसपोर्टेशन ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। मगर क्या आपका बच्चा बस के सफर के दौरान पूरी तरह सुरक्षित है?

सिर्फ स्कूल या ड्राइवर के भरोसे बैठना सही नहीं है। एक जागरूक अभिभावक के तौर पर आपको बच्चों को कुछ बुनियादी सुरक्षा नियम घर पर ही सिखाने चाहिए। इससे किसी भी अनचाही दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सकता है। आइए जानते हैं वे कौन सी 5 अहम बातें हैं जो आपके बच्चे की सुरक्षा पक्की करेंगी।

ड्राइवर की नजरों से ओझल होने (ब्लाइंड स्पॉट) से बचें

स्कूल बस का आकार काफी बड़ा होता है। इस वजह से ड्राइवर को बस के बिल्कुल आगे पीछे या एकदम बगल में खड़े लोग नजर नहीं आते। बच्चों को स्पष्ट रूप से समझाएं कि वे कभी भी बस से सटकर न खड़े हों। उतरने के बाद हमेशा बस के दरवाजे की सीध में एक सुरक्षित दूरी बनाकर खड़े होना चाहिए। इससे ड्राइवर उन्हें आसानी से देख सकेगा।

चलती बस से हमेशा बनाएं दूरी

सवेरे स्कूल जाने की जल्दी में बच्चे अक्सर भागकर बस पकड़ने की कोशिश करते हैं। यह आदत बेहद खतरनाक हो सकती है। अपने बच्चों को सख्त हिदायत दें कि बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें। इसी तरह उतरते वक्त भी वाहन के पूरी तरह ठहरने का इंतजार करना सबसे जरूरी है।

इशारा मिलने पर ही करें सड़क पार

बस से उतरने के बाद सड़क पार करते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बच्चों को बताएं कि वे खुद से सड़क पार करने का फैसला बिल्कुल न लें। जब बस में मौजूद गार्ड या ड्राइवर उन्हें सुरक्षित होने का इशारा करे तभी कदम आगे बढ़ाएं।

जूते के फीते और बैग का रखें खास ख्याल

कई बार ढीले फीते या लटकते बैग के स्ट्रैप्स बच्चों के गिरने की बड़ी वजह बन जाते हैं। घर से निकलते समय ही यह सुनिश्चित करें कि उनके जूतों के फीते मजबूती से बंधे हों। बैग की पट्टियां भी सही तरीके से सेट होनी चाहिए। इससे बस की सीढ़ियों पर पैर उलझने का खतरा नहीं रहेगा।

कौन है आपका असली दुश्मन और कौन पक्का यार, चाणक्य की ये 4 बातें एक झटके में खोल देंगी आंखें

धक्का-मुक्की और जल्दबाजी से रहें दूर

बच्चों में अक्सर सबसे पहले सीट पकड़ने या जल्दी उतरने की होड़ होती है। उन्हें समझाएं कि बस में चढ़ते और उतरते समय शांति बनाए रखना समझदारी है। लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना एक अच्छी आदत है। जल्दबाजी करने से वे खुद को चोट पहुंचा सकते हैं।

सुरक्षा की शुरुआत घर से ही होती है। इन छोटी मगर बेहद महत्वपूर्ण बातों को बच्चों की रोजमर्रा की आदत में शामिल करें। इससे आप भी निश्चिंत रहेंगे और आपका बच्चा भी सुरक्षित रहेगा।

Related Articles

Back to top button