माँ-बाप की सेवा सबसे बड़ा फ़र्ज़: मोहिनुद्दीन कादरी
माता-पिता की दुआ से मिलती है कामयाबी

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सराय भूपत कटेखेड़ा में इंसानी भाईचारा समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आमीन अशरफी के स्वर्गीय पिता मरहूम मुस्ताक अली की सालाना फ़ातिहा का आयोजन श्रद्धा और अकीदत के साथ किया गया। इस अवसर पर पीर मौलाना चमने मोहिनुद्दीन कादरी ने फ़ातिहा,दरूद शरीफ़ और विशेष दुआ की,और अपने संबोधन में मौलाना मोहिनुद्दीन कादरी ने कहा कि माँ-बाप की सेवा करना इंसान का सबसे बड़ा फ़र्ज़ है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में माता-पिता का दर्जा बहुत ऊँचा है। हदीस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “माँ के कदमों के नीचे जन्नत है और बाप उसी जन्नत का दरवाज़ा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने माता-पिता की ख़िदमत करें और उनकी दुआएँ हासिल करें,क्योंकि यही दुनिया और आख़िरत की कामयाबी का सबसे बड़ा ज़रिया है।
कार्यक्रम में कौमी तहफ़्फ़ुज़ कमेटी के संयोजक ख़ादिम अब्बास,मसूद तैमूरी,सैफ़ तैमूरी,अरशद जमाल, इमरान खान,हाजी शेख शकील अहमद, अतीकुर्रहमान अंसारी, फ़हीम अब्बास,निज़ाम अली,शब्बीर अली, इस्तियाक अली,रमज़ान अली,सुबहान अली सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।



