जीपीडीपी प्रशिक्षण हुआ सम्पन्न, पंचायत प्रतिनिधियों को सिखाए गुणवत्तापूर्ण निर्माण योजना के गुर

जसवंतनगर,इटावा। ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को अधिक प्रभावी,सहभागी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से विकास खंड जसवंतनगर में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों,पंचायत सचिवों,पंचायत सहायकों और विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया और उसके विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर श्रद्धा तिवारी एवं प्रतिभा कटियार ने जीपीडीपी के महत्व, योजना निर्माण की प्रक्रिया,ग्राम सभा की भूमिका तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं के चयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय संसाधनों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जाएं, ताकि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
प्रशिक्षकों ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के प्रभावी उपयोग,पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन,वित्तीय अनुशासन तथा विकास प्राथमिकताओं को योजनाओं में शामिल करने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि पारदर्शी,सहभागी और परिणाममुखी योजना निर्माण से ग्राम पंचायतों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता में सुधार होगा। उन्होंने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में लागू करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में एडीओ पंचायत देवेंद्र सिंह, एडीओ कृषि बलवीर सिंह,पंचायत सचिव, पंचायत सहायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में जनभागीदारी आधारित ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों के सतत एवं समग्र विकास को गति देने का आह्वान किया गया।



