ट्यूबवेल ऑपरेटर का शव मिलने से फ़ैली सनसनी

जसवंतनगर,इटावा। नगर के मुख्य चौराहे के समीप स्थित नगर पालिका की पानी की टंकी पर तैनात ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर का शव रविवार देर रात को उनके सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान रमाशंकर पांडेय निवासी ग्राम पूरे पांडेय पोस्ट तिरहुत जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है। वह पहले जल निगम में कार्यरत थे। वर्ष 2021 में विभागीय फेरबदल के बाद उनकी तैनाती नगर पालिका की पानी की टंकी पर ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर के पद पर कर दी गई थी।बस स्टैंड चौराहे पर नगर पालिका के ट्यूबवेल के पास ही स्थित जल निगम के सरकारी आवास पर वह अकेले रहते थे।
जानकारी के अनुसार रविवार शाम को उनकी निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर साथी कर्मचारी ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।इसके बाद सुपरवाइजर विनय कुमार को सूचना दी गई। विभागीय अधिकारियों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना पर रविवार रात करीब 11:00 बजे कस्बा इंचार्ज अनूप पांडेय पुलिस बल के साथ उनके सरकारी आवास पर पहुंचे।
जल निगम परिसर का गेट बंद होने के कारण पुलिस फाटक पार कर अंदर पहुंची।कस्बा इंचार्ज अनूप पांडे ने रमाशंकर के आवास का गेट तोड़कर जब अंदर दाखिल हुए तो रमाशंकर पांडेय का शव जमीन पर पड़ा मिला।जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि रसोई में गैस चूल्हा जल रहा था और खाना बनने की प्रक्रिया जारी थी। बर्तन पूरी तरह जल चुका था।पुलिस ने तत्काल गैस बंद कराई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि प्रथम दृष्टता रमाशंकर की हृदयगति रुकने से मौत प्रतीत होती है। जांच में पाया गया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे मृतक की अपनी पत्नी से बात हुई थी। पत्नी के अनुसार तब सब कुछ ठीक था। संभवत उसके बाद कुछ तबीयत खराब रही होगी और हृदयगत रुकने से यह हादसा हो गया। लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। बताया गया कि रमाशंकर पांडेय वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी रमादेवी, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र सुशील कुमार पांडेय लखनऊ में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र आशीष पांडेय गांव में अपनी मां के साथ रहता है।



