टोल टैक्स में होने वाली है 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी, जानें किस एक्सप्रेसवे पर होने जा रहा है बदलाव

Toll Tax New Rule 2026: 1 अप्रैल 2026 से टोल दरें बढ़ेंगी। जानें रोजाना यात्रियों, व्यवसायिक वाहनों और नई कैशलेस व्यवस्था का पूरा असर।

Toll Tax New Rule 2026: दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए अप्रैल की शुरुआत एक नई चुनौती लेकर आ रही है। 1 अप्रैल 2026 से इस एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो जाएगा। टोल दरों में करीब 5% तक की बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोज इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

पहले जहां निजी कार से सफर करने पर लगभग ₹170 खर्च होते थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब ₹175 तक पहुंच सकता है। यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, मगर रोजाना यात्रा करने वालों के लिए यह मासिक बजट को प्रभावित करेगी।

व्यवसायिक वाहनों पर ज्यादा असर

केवल निजी वाहन ही नहीं, बल्कि व्यापार से जुड़े वाहनों पर भी इसका असर साफ दिखेगा। हल्के कमर्शियल वाहनों का टोल ₹275 से बढ़कर लगभग ₹280 हो सकता है। वहीं बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों को अब ₹580 के बजाय करीब ₹590 तक चुकाने पड़ सकते हैं।

इस बदलाव का असर सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ेगा, जो आगे चलकर आम लोगों तक भी पहुंच सकता है।

क्यों बढ़ रहा है टोल?

हर साल टोल दरों में संशोधन किया जाता है और यह बढ़ोतरी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। मगर इस बार बढ़ोतरी के साथ कुछ बड़े तकनीकी बदलाव भी लागू किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य सफर को आसान बनाना है।

कैश खत्म, अब सिर्फ डिजिटल भुगतान

1 अप्रैल से इस एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे। अब नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रियों को FASTag के जरिए ही भुगतान करना होगा।

अगर किसी कारण FASTag काम नहीं करता, तो यूपीआई का विकल्प मौजूद रहेगा। यानी डिजिटल भुगतान अब अनिवार्य हो जाएगा।

हाईटेक सिस्टम से बदलेगा सफर का अनुभव

नई व्यवस्था के तहत ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे गाड़ियों के नंबर प्लेट को स्कैन करके खुद ही टोल काट लेंगे। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम होगी और ट्रैफिक तेजी से आगे बढ़ेगा।

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इसके अलावा हर 500 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि पूरे एक्सप्रेसवे की निगरानी हो सके।

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