गरीबों का अधिकार है मनरेगा’— कांग्रेस नेताओं का ऐलान

मऊ। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर किए जाने के आरोपों के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी, मऊ के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन और पैदल मार्च निकाला गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित किया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भीटी स्थित भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च की शुरुआत की। इसके बाद पदयात्रा बाल निकेतन तिराहा, पंडित अलगू राय शास्त्री बस स्टैंड, गाजीपुर तिराहा होते हुए मऊ सदर अस्पताल परिसर में स्थापित पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं “विकास पुरुष” स्व. कल्पनाथ राय की प्रतिमा तक पहुंची। अंत में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कामरेड जय बहादुर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर मनरेगा के मूल उद्देश्य और स्वरूप को कमजोर करने का आरोप लगाया। जिला अध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के जरिए ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया था, जिससे करोड़ों गरीबों को आजीविका का सहारा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बजट में कटौती, भुगतान में देरी और जटिल प्रक्रियाओं के माध्यम से योजना को कमजोर कर रही है।
मनरेगा यात्रा प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों का स्वाभिमान और अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने योजना के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला प्रतिनिधि, युवा और ग्रामीण शामिल रहे। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और मनरेगा को मजबूत करने की मांग उठाई गई। नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष गरीबों के रोजगार और सम्मान की रक्षा के लिए जारी रहेगा।


