गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस समारोह

संवाददाता सुल्तानपुर
सुलतानपुर। गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 26 जनवरी को देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत पूरे महाविद्यालय परिसर को तिरंगे झंडों, देशभक्ति नारों एवं आकर्षक तोरणों से सजाया गया था।
सर्वप्रथम प्रातः 10 बजे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ.ओमप्रकाश पाण्डेय बजरंगी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह द्वारा तिरंगा फहराया गया और सामूहिक राष्ट्रगान किया गया।
तत्पश्चात बाबू गनपत सहाय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में एन.सी.सी. के कैडेट्स द्वारा अनुशासित एवं आकर्षक परेड प्रस्तुत की गई, जिसने समारोह को गौरवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया।
मुख्य सभागार में आयोजित सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ ओमप्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया जिससे कि विश्व पटल पर भारत देश का नाम और ऊंचाई पर ले जाया जा सके और हमारा देश पुनः सोने की चिड़िया बन सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया और साथ ही देश की वर्तमान आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रो. जायस नाथ मिश्र, प्रो नीलम तिवारी, प्रो. मनोज मिश्र आदि ने भी कार्यक्रम में अपने विचार प्रस्तुत किए, वहीं डॉ. एस.पी. मिश्रा एवं डॉ. आलोक रावत द्वारा प्रस्तुत काव्य पाठ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को स्मरण कराया।
इसके पश्चात संगीत विभाग की डॉ मौसम गुप्ता और उनकी टीम द्वारा देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई जिसने सभागार कक्ष के पूरे वातावरण को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए।अंत में मुख्य महाविद्यालय परिसर के प्रभारी प्रो. मो. शाहिद द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। समारोह का समापन सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के भावपूर्ण गान के साथ किया गया।



