सिर्फ नाम बदलना जानती है सरकार: राजमंगल यादव

मऊ। 18 जनवरी 2026 को घोसी स्थित धरौली ग्रामपंचायत में मनरेगा बचाओ–मजदूर बचाओ अभियान के तहत एक जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व घोसी ब्लॉक अध्यक्ष श्री सुरेश राजभर ने किया। चौपाल में मनरेगा से जुड़े मजदूरों, ग्रामीणों और किसानों ने भाग लिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री राजमंगल यादव ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल में केवल कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए कार्यों के नाम बदलने में ही लगी हुई है।

उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महात्मा गांधी जी के नाम पर रखी गई एक महत्वकांक्षी योजना है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसका नाम बदलकर “जी राम” कर दिया।

राजमंगल यादव ने कहा कि ऐसे निर्णय दर्शाते हैं कि सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के योगदान को भी नजरअंदाज कर रही है। जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारना है, लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण इसका लाभ सीधे लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और मजदूरों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुँचाने के लिए संगठित रहें।

कार्यक्रम में ओम् नारायण शर्मा, नरेंद्र यादव, शमशाद आलम, राहुल मौर्य, अमरेश यादव, मंझू देवी, बदामी देवी, शिवचन्द निषाद, चन्द्रभान भारती और रामदर्शन यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राजमंगल यादव के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं का सही उपयोग होना चाहिए और ग्रामीण विकास के वास्तविक प्रयासों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

घोसी ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश राजभर ने भी इस मौके पर कहा कि मजदूरों और ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि केवल योजनाओं के नाम बदलने पर ध्यान देना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा ग्रामीण और मजदूर वर्ग के हित में काम करती रही है और इसके लिए आवाज उठाना आवश्यक है।

इस जन चौपाल के माध्यम से उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और सरकार से उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। इस अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि मनरेगा और अन्य योजनाओं को जनहित में लागू करने की दिशा में जनता की जागरूकता बढ़ रही है।

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