करोड़ों की रोल्स रॉयस की कीमत पर बड़ा डिस्काउंट, कीमत में 40 परसेंट तक की कमी की संभावना

Rolls-Royce India: बहुत से लोग लग्ज़री रोल्स-रॉयस कार खरीदने का सपना देखते हैं। मगर, क्योंकि यह ब्रिटेन में बनती है, इसलिए भारत पहुँचते-पहुँचते इस कार की कीमत बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है। मगर अब इन गाड़ियों की कीमतें 40 परसेंट तक सस्ती होने की संभावना है।

दुनिया की सबसे लग्ज़री कार और जेट इंजन बनाने वाली कंपनी रोल्स-रॉयस अब भारत को अपना तीसरा सबसे बड़ा घरेलू बाज़ार बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के CEO तूफ़ान एर्गिनबिलगिक ने अपने भारत दौरे के दौरान इसकी घोषणा की है। इस फ़ैसले से न सिर्फ़ कटिंग-एज इंजीनियरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे भारत में रोल्स-रॉयस कारों की कीमत में भी काफ़ी कमी आने की उम्मीद है।

2030 तक सप्लाई चेन दोगुनी हो जाएगी

भारत में रोल्स-रॉयस का 90 साल का इतिहास है। कंपनी ने अपने ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी एंड इनोवेशन सेंटर’ को बढ़ाया है और एयरोस्पेस और डिफ़ेंस सेक्टर में भारतीय पार्टनर्स के साथ काम तेज़ किया है। 2030 तक भारत से ‘सप्लाई चेन सोर्सिंग’ कम से कम दोगुनी हो जाएगी। 2026-27 तक, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर साइट और फैक्ट्रियों से बढ़ती डिमांड के कारण कंपनी का प्राइवेट पावर सिस्टम बिज़नेस सरकारी सप्लाई से ज़्यादा हो जाएगा।

क्या कीमतें 30-40 परसेंट तक कम हो सकती हैं?

भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट’ रोल्स-रॉयस कारों और इंजनों की कीमतों में कमी के मुख्य कारण हैं। जुलाई 2025 में साइन हुए एग्रीमेंट के अनुसार, ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाले सामान पर ‘टैरिफ’ कम किए जाएंगे। फिलहाल, ड्यूटी में 10 परसेंट की कमी करने का प्रस्ताव है।

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अभी, भारत में एक रोल्स-रॉयस की कीमत 7 से 12 करोड़ के बीच है। हालांकि, अगर लोकल सोर्सिंग 20-30 परसेंट बढ़ जाती है और इंपोर्ट ड्यूटी कम हो जाती है, तो कार की कीमत में 30-40 परसेंट की भारी कमी हो सकती है। इससे इंडियन एयरलाइंस, नेवी और इंडस्ट्रीज़ को सीधा फ़ायदा होगा, क्योंकि उन्हें अपनी ज़रूरत के जेट इंजन और पावर सिस्टम सस्ते रेट पर मिलेंगे।

 

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