सरकारी योजना से चार वर्षीय आरोही को मिली सुनने और बोलने की नई उम्मीद
मेरठ के न्यूटीमा हॉस्पिटल में छह लाख रुपये का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन निःशुल्क संपन्न, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का परिजनों ने जताया आभार

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार की कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के तहत जनपद गाजियाबाद की चार वर्षीय बच्ची आरोही का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एक नवंबर 2026 को मेरठ स्थित न्यूटीमा हॉस्पिटल में बच्ची का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। अस्पताल उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के लिए पैनल में शामिल है। ऑपरेशन पर लगभग छह लाख रुपये का खर्च आया, जिसे सरकार ने योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क वहन किया।
आरोही, पुत्री सागर, निवासी विजय नगर, गाजियाबाद सुनने एवं बोलने में असमर्थ थी। बच्ची के परिजनों को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संपर्क में आने पर सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी मिली। इसके बाद विभाग के सहयोग से आवश्यक प्रक्रिया एवं औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची का ऑपरेशन कराया गया। न्यूटीमा हॉस्पिटल, मेरठ में डॉ. अभिषेक मोहन ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद अब बच्ची को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्पीच एवं हियरिंग थेरेपी प्रदान की जाएगी। नियमित थेरेपी और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उसकी सुनने एवं बोलने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में बच्ची को परिवार और समाज के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के माध्यम से पांच वर्ष तक की आयु के पात्र मूक-बधिर बच्चों को सुनने एवं बोलने की क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे का भविष्य प्रभावित न हो और उसे आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके परिवार में पांच वर्ष तक की आयु का कोई बच्चा सुनने एवं बोलने में असमर्थ है, तो वे जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार लाभ उठाएं।
परिजनों ने जताया मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार
आरोही के पिता सागर ने बेटी के सफल ऑपरेशन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जिला प्रशासन गाजियाबाद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगभग छह लाख रुपये का खर्च उठाना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था, लेकिन सरकार की जनकल्याणकारी योजना से बेटी का ऑपरेशन निःशुल्क हो सका। उन्होंने योजना की जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को भी धन्यवाद दिया।



