कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से ठिठुरा जनजीवन
देर से शुरू हुई दिनचर्या

जसवंतनगर,इटावा। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। ठंड के साथ चल रही सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। हालात ऐसे रहे कि बुजुर्गों और बच्चों ने घर से बाहर निकलना उचित नहीं समझा।
घने कोहरे के चलते सुबह के समय हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। कई स्थानों पर कोहरे के कारण यातायात बाधित हुआ, जिससे दफ्तर और कामकाज पर जाने वाले लोगों को देरी का सामना करना पड़ा।
सर्दी के बढ़ते असर से लोग देर तक रजाइयों में दुबके रहे। आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोग पूरी तरह ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए। दिहाड़ी मजदूरों और खेतों में काम करने वाले लोगों को ठंड में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ठिठुरन के कारण सुबह के समय मजदूरी और निर्माण कार्य भी प्रभावित रहा।
ठंड से राहत पाने के लिए लोग सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाते दिखाई दिए। हालांकि ठंडी हवाओं के कारण हीटर और अलाव भी पूरी राहत देने में नाकाम साबित हुए। ग्रामीण इलाकों में लोगों ने लकड़ी और उपलों से अलाव जलाकर सर्दी से बचाव किया।कड़ाके की ठंड का असर बाजारों पर भी देखने को मिला। सामान्य दिनों की तुलना में बाजार देर से खुले और ग्राहकों की संख्या कम रही। दुकानदारों का कहना है कि ठंड और कोहरे के चलते बिक्री प्रभावित हो रही है। सुबह और देर शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक ठंड में सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
घने कोहरे का फसलों पर मिला-जुला असर
जसवंतनगर। क्षेत्र में लगातार छाए घने कोहरे और बढ़ती ठंड का असर रबी फसलों पर साफ दिखाई देने लगा है। किसानों के अनुसार कोहरे की अधिकता से आलू, सरसों और अरहर की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। आलू की पत्तियों पर झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं सरसों की फसल में फूल और फलियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जबकि अरहर की फसल में नमी अधिक रहने से रोग लगने की संभावना बढ़ गई है।

इसके विपरीत गेहूं और जौ की फसलों के लिए मौजूदा मौसम अनुकूल माना जा रहा है। ठंड और हल्का कोहरा गेहूं व जौ की बढ़वार में सहायक साबित हो रहा है, जिससे पौधों की जड़ें मजबूत हो रही हैं और हरियाली बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम इसी प्रकार बना रहा और अत्यधिक पाला नहीं पड़ा, तो गेहूं और जौ की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
किसानों को सलाह दी गई है कि आलू, सरसों और अरहर की फसलों पर विशेष निगरानी रखें और रोग से बचाव के लिए समय पर आवश्यक कृषि उपचार अपनाएं। वहीं गेहूं और जौ की फसलों में सिंचाई और खाद प्रबंधन संतुलित रखें, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सके।



