60 साल बाद बड़ा खुलासा, 13 साल की उम्र में ‘उस’ एक किताब ने जिनपिंग की दुनिया कैसे बदल दी

The Gadfly: दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की सख्त इमेज के पीछे संघर्ष का एक लंबा इतिहास है। हाल ही में एक इवेंट में जिनपिंग ने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में एक ऐसा खुलासा किया जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। जिनपिंग ने कहा कि 13 साल की उम्र में जब उनका पूरा परिवार मुश्किल में था एक आयरिश नॉवेल ने उन्हें साइकोलॉजिकल सपोर्ट दिया और ज़िंदगी की उम्मीद दी।
13 साल की उम्र में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा
बीजिंग में आयरिश प्राइम मिनिस्टर मिशेल मार्टिन से मीटिंग के दौरान जिनपिंग ने अपने बचपन की बातें याद कीं। 1960 के दशक में चीन में माओत्से तुंग की ‘कल्चरल रेवोल्यूशन’ शुरू हो गई थी। उस समय जिनपिंग के पिता, जो डिप्टी प्रीमियर थे, उनको पार्टी से निकाल दिया गया था। 13 साल के जिनपिंग और उनके परिवार को बेइज्जती, हिंसा और ज़ुल्म का सामना करना पड़ा।
कैद और गुफा में ज़िंदगी
जिनपिंग ने बताया कि उस दौरान उन्हें कई बार जेल हुई। उनकी माँ को सबके सामने बेइज्जत किया गया और उनकी एक बहन की जान चली गई। लाखों चीनी नागरिकों की तरह जिनपिंग को भी गांव में काम करने के लिए भेजा गया था। कुछ समय के लिए उन्हें एक गुफा में रहना पड़ा, जहाँ खाना कम था। ऐसे मुश्किल और अकेलेपन के समय में ‘The Gadfly’ किताब ने उन्हें उबरने में मदद की।
‘द गैडफ्लाई’ की कहानी क्या है?
1897 में एथेल वॉयनिक का लिखा यह नॉवेल ‘आर्थर बर्टन’ नाम के एक नौजवान की कहानी है। यह नौजवान 19वीं सदी के इटली में विदेशी शासन के खिलाफ क्रांति में हिस्सा लेता है। बहुत ज़्यादा टॉर्चर और धोखे सहने के बाद, वह अपनी मौत का नाटक करता है और एक निडर क्रांतिकारी के तौर पर लौटता है। त्याग और बलिदान की इस कहानी ने जिनपिंग को बहुत प्रभावित किया।
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चीन में ये किताब है बहुत पॉपुलर
हालांकि यह किताब एक आयरिश लेखक ने लिखी थी, मगर इसके सबसे ज़्यादा रीडर चीन और सोवियत यूनियन में थे। कल्चरल रेवोल्यूशन के दौरान संघर्ष करने वालों ने इस किताब के हीरो में खुद को देखा। यह हीरो का पक्का इरादा और सब्र ही था जिसने शी जिनपिंग को अपनी ज़िंदगी के मुश्किलों से लड़ने की ताकत दी।



