प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप बोले- इस मकसद से आने वाले भारतीयों के लिए टूरिस्ट वीजा नहीं

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप पहले ही US में काम करने का सपना देखने वाले भारतीयों को झटका दे चुके हैं। उन्होंने वहां काम करने के लिए H-1B वीज़ा के नियम और कड़े कर दिए हैं। अब US में बच्चे को जन्म देने और उसे वहां की नागरिकता दिलाने का सपना भी टूट जाएगा। US ने साफ कर दिया है कि उन भारतीय नागरिकों को टूरिस्ट वीज़ा नहीं दिया जाएगा जिनका एकमात्र मकसद US में बच्चे को जन्म देना है।
‘जन्मजात नागरिकता’ पॉलिसी का गलत इस्तेमाल
US संविधान के 14वें अमेंडमेंट के अनुसार, US की धरती पर पैदा होने वाला हर व्यक्ति अपने आप US नागरिक बन जाता है। इसे ‘जन्मजात नागरिकता’ कहा जाता है। फिलहाल, US उन लाखों लोगों का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है जो जन्मजात नागरिकता का फायदा उठा रहे हैं। यह संवैधानिक बदलाव मूल रूप से सिविल वॉर के दौरान अफ्रीकी-अमेरिकी गुलामों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया था। लेकिन अब, US का कहना है कि इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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इसके क्या नतीजे होंगे? ‘बर्थ टूरिज्म’ के मकसद से वीज़ा के लिए अप्लाई करने वाले किसी भी व्यक्ति का वीज़ा अब सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा। यह कदम US ने ‘बर्थ टूरिज्म’ की बढ़ती इंडस्ट्री को कंट्रोल करने के लिए उठाया है।
जो लोग नौकरी करते हैं उनका क्या होगा?
H-1B वीज़ा होल्डर US में काम करने और रहने के लिए कानूनी तौर पर मौजूद होते हैं। उनके बच्चों को US में पैदा होने पर नागरिकता मिल जाती है। मौजूदा नियमों के तहत, इन नागरिकों पर इस नए नियम का सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे US में काम के लिए हैं, टूरिज्म के लिए नहीं। हालांकि, ‘बर्थ टूरिज्म’ को रोकने के लिए सख्त पॉलिसी लागू होने से यह डर है कि भविष्य में H1B वीज़ा होल्डर्स के लिए नागरिकता के नियमों में और बदलाव भी हो सकते हैं।



