ये गलती की तो चली जाएगी सरकारी, सरकार ने दिए सख्त आदेश

मध्य प्रदेश के युवाओं के बीच सरकारी नौकरी का कितना क्रेज है यह शायद किसी को बताने की जरूरत नहीं। लेकिन अक्सर देखने में आता है कि युवा सरकारी नौकरी लगने के बाद कुछ ऐसी गलती करते हैं जिसकी वजह से उनकी नौकरी चली जाती है। जैसे कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या फिर डॉक्यूमेंट जमा करने में देरी करना।

मोहन कैबिनेट की 2 दिसंबर को जो बैठक हुई उस बैठक में अब यह साफ कर दिया गया है कि अगर किसी उम्मीदवार ने तय वक्त पर अपने डॉक्यूमेंट विभाग में जमा नहीं करवाए तो उसकी नौकरी चली जाएगी।

दरअसल सरकार ने तय किया कि विभागीय भर्ती नियम के मुताबिक एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस की अहरता दस्तावेज 2 साल की परिवीक्षा अवधि में जमा करना अनिवार्य होगा। अगर किसी उम्मीदवार ने परिवीक्षा अवधि में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए तो उनकी सेवा तुरंत समाप्त कर दी जाएगी और वह भी बिना परिवीक्षा अवधि बढ़ाए।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उपनिरीक्षक के पद पर सिलेक्ट 29 उम्मीदवारों में से 25 उम्मीदवारों को नियुक्ति देने का भी फैसला किया गया है। तो कुल मिलाकर अगर आप मौजूदा सरकारी कर्मचारी हैं और आपकी जॉइनिंग हाल फिलहाल में हुई है तो अपने जरूरी डॉक्यूमेंट वक्त रहते जमा कर दीजिए। कहीं ऐसा ना हो कि आपको नौकरी से हाथ धोना पड़ जाए।

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जानें क्या है परिवीक्षा अवधि

परिवीक्षा अवधि उस समय को कहते हैं जब किसी को नई नौकरी मिलती है और वह देखता है कि वह उस काम में अच्छा कर पा रहा है या नहीं। जैसे अगर किसी स्कूल में नया बच्चा आता है, तो पहले उसे कुछ समय दिया जाता है ताकि वह दिखा सके कि वह स्कूल के नियमों को अच्छे से मान सकता है और पढ़ाई में ध्यान दे रहा है या नहीं। इसी तरह, जब किसी को नया काम मिलता है, तो उसे कुछ महीनों का समय दिया जाता है ताकि यह देखा जा सके कि वह उस काम को अच्छे से कर सकता है या नहीं।

 

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