नहर विभाग की लापरवाही से किसानों को दोहरा नुकसान

स्टार एक्सप्रेस संवाददाता
अमेठी। तिलोई विधानसभा के कूरा गांव में नहर विभाग की लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया है जिसने किसानों को दोहरा नुकसान पहुंचाया है। न सिर्फ उनकी फसलें बर्बाद हुईं, बल्कि गांव की नहर पटरी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की सफाई के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी को दोनों ओर समान रूप से फैलाने के बजाय विभागीय कर्मचारियों ने सीधे किसानों की उपजाऊ जमीनों में डाल दिया। इससे अमरनाथ मौर्या, गिरिवर पांडेय, दोस्त मोहम्मद सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह दबकर नष्ट हो गई।
ग्रामीण यह भी आरोप लगा रहे हैं कि नहर की पटरी को सुरक्षित रखने के बजाय JCB से की गई खुदाई ने स्थिति और खराब कर दी। पटरी की ऊँच-नीच ठीक न होने से आए दिन लोग फिसलते हैं, बाइक और ट्रैक्टर फंस जाते हैं तथा आपात स्थिति में भी रास्ता सुचारू नहीं रहता। लोगों का कहना है कि पटरी को सही लेवल पर न रखा जाना विभाग की गंभीर लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण है।
ग्रामीणों ने कहा कि नहर से जुड़ी पटरी गांव के कई हिस्सों को जोड़ती है, लेकिन मिट्टी फेंके जाने और दबाव से पटरी कमजोर हो चुकी है। शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने न तो निरीक्षण किया और न ही स्थिति सुधारने की कोई कोशिश।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि यह लापरवाही उनकी आजीविका और आवागमन दोनों पर भारी पड़ रही है।
मामले में विभागीय जे ई पीयूष शुक्ला ने बताया कि कार्य कराने वाले ठेकेदार को सूचित किया गया है किसानों को उनका मुआवजा मिलेगा ।



