हरभजन का तीखा सवाल खिलाड़ी कैसे तरक्की करें जब पिच ही खेल बिगाड़ दे

कोलकाता टेस्ट खत्म होते ही माहौल गरमा गया। भारत को तीसरे दिन की दोपहर में ही हार झेलनी पड़ी और उसी के साथ ईडन गार्डन्स की पिच पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी इस नतीजे से बेहद नाराज दिखे। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी सतहें टेस्ट क्रिकेट का भविष्य बिगाड़ रही हैं और खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फेर रही हैं।
इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मुश्किल से ढाई दिन चला। भारत को जीत के लिए सौ चौबीस रन का लक्ष्य मिला था पर टीम निन्यानबे का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। तीस रनों से मिली हार ने सबको हैरान कर दिया। दूसरे दिन पंद्रह विकेट गिरे जिससे यह साफ हो गया कि विकेट बल्लेबाजों के लिए लगभग असंभव चुनौती बन चुकी थी।
हरभजन ने जताई नाराज़गी
हरभजन ने अपने वीडियो में गहरी नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की पिचें खेल की असली खूबसूरती को खत्म कर रही हैं। उनका कहना था कि टेस्ट क्रिकेट का अर्थ ही खत्म हो जाता है जब मैच कौशल पर नहीं बल्कि पिच की सनक पर तय होने लगे। उन्होंने दावा किया कि यह समस्या नई नहीं है और लंबे समय से नजरअंदाज की जा रही है।
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भज्जी ने यह भी कहा कि जब टीम जीत रही होती है तब कोई सवाल नहीं उठाता क्योंकि सभी को लगता है कि सब ठीक है। कोई गेंदबाज लगातार विकेट ले रहा है तो उसकी तारीफ बढ़ती जाती है पर असल तस्वीर कोई नहीं देखता। उनके अनुसार यह तरीका खेल की तरक्की को रोकता है। खिलाड़ी उसी जगह घूमते रहते हैं और सुधार की संभावना कम होती जाती है।
उन्होंने कहा कि जब बल्लेबाज को यह तक अंदाजा न हो कि सामने कैसी गेंद आएगी और विकेट इतने अनियमित हों कि रन बनाना लगभग नामुमकिन हो जाए तब खेल किस तरफ जाएगा। ऐसी हालत में असली प्रतिभा दब जाती है और साधारण गेंदें भी हथियार बन जाती हैं। इस वजह से एक अच्छे बल्लेबाज और एक औसत गेंदबाज के बीच का फर्क मिटने लगता है।



