सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की वोट चोरी याचिका को किया खारिज, जानें क्या कहा
राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! जानिए क्यों खारिज की गई 'वोट चोरी' की जांच की मांग।

Vote Chori row: कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा, जब अदालत ने उनके ‘वोट चोरी’ के आरोपों की एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि राहुल गांधी इस मामले में चुनाव आयोग से संपर्क करें, न कि सीधे अदालत में आएं।
जनता से जुड़ा मामला, फिर भी कोर्ट ने नहीं मानी दलील
राहुल गांधी की ओर से कहा गया कि उन्होंने चुनाव आयोग के सामने भी शिकायत रखी थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ—जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बागची शामिल थे—ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट का कहना था कि याचिका को “जनहित” का मामला बताकर दायर किया गया है, लेकिन इसमें सीधे तौर पर कोई ऐसी बात नहीं दिखती जिससे हस्तक्षेप जरूरी हो।
“वोट चोरी” पर राहुल गांधी का हमला, क्या है सच्चाई?
राहुल गांधी लंबे समय से भाजपा सरकार पर चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाते रहे हैं। उनके मुताबिक, केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में धांधली हो रही है। हालांकि चुनाव आयोग ने उनके सभी आरोपों को खारिज करते हुए सबूत पेश करने की मांग की है।
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महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी का दावा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव पूरी तरह से ‘फिक्स’ थे। उनका कहना है कि इन चुनावों में सत्ता पक्ष ने जनादेश को चुराया। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत को इसका जवाब बताया और कहा कि “हमने वहां साबित कर दिया कि सही मतदान से ही सही सरकार बनती है।”
बता दें कि Vote Chori row वर्तमान में देश भर में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।



