शेर करते हैं सैय्यद बाबा की मजार की साफ सफाई
बीहड़ वाले सैय्यद बाबा मजार पर लंगर हुआ सम्पन्न अक़ीदतमदों ने मांगी अमन चैन की दुआएं

इटावा। लाइन सफारी के पास स्थित बीहड़ वाले सैय्यद बाबा पर पीर ज़ादे चमन ए मुईनुद्दीन कादरी ने कराया लंगर,वहां मौजूद सैंकड़ो अक़ीदतमदों ने मांगी अमन चैन की दुआएं।
करीब 850 सालों से बीहड़ वाले बाबा की मजार पर हर धर्म के लोग अपनी दिली मुराद (दुआ) मांगने पहुंचते है और लोगों की मुरादें पूरी भी होती हैं। यह दरगाह एक चमत्कारिक दरगाह मानी जा रही इस मजार के बारे में ऐसा कहा जाता है कि दो शेर अपनी पूछ से सालों से मजार की सफाई करते हैं और बीहड़ में गुम हो जाते हैं। यह दरगाह लाइन सफारी के पास बीचों-बीच बीहड़ में स्थित हैं।
स्थानीय अतीकुर रहमान ने बताया कि हम अपने पूर्वजों से दरगाह के वारे में ऐसा सुनते आये है कि बीहड़ वाले सैय्यद बाबा की यह एक चमत्कारिक मजार है। इसके बारे में आम तौर पर यह बात प्रचलित है कि यहां पर बीहड़ से दो शेर रात के अंधेरे में आते हैं और मजार को अपनी पूछ से साफ करके वापस लौट जाते हैं।
यह मज़ार वाकई में चमत्कारिक है। उनके यहां पर एक लंबे समय से अक़ीदतमदों का आने का सिलसिला चल रहा है और वह सब बाबा के चमत्कार के चलते ही संभव हो पा रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार अफसर पहलवान,मोहम्मद आमीन भाई,इमरान खान आदि स्थानीय लोगों की मांग है कि बीहड़ वाले सैय्यद बाबा की मजार तक आने के लिए प्रशासन को साफ सुथरे रास्ते का निर्माण कराना चाहिए,ताकि अक़ीदतमंद सैय्यद बाबा के दर्शन करने मज़ार पर आसानी से पहुँच सके।
पीर ज़ादे चमन ए क़ादरी ने असर नमाज़ के बाद लंगर की फातिहा की और अल्लाह ताला से फिलीस्तीन एवं पूरी दुनियां में रह रहे मुसलमानो के लिए अमन चैन के लिए दुआ मांगी एवं दरगाह पर मौजूद अक़ीदतमदों को बैठाकर लंगर खिलाया गया।
इस दौरान उपस्थित रहे मुबीन खलीफा क़ादरी,अतीकुर रहमान,अफसर पलवान,इमरान फरीदी, हाजी अज़ीम वारिसी, शाहवाज़ खान,तस्लीम मंसूरी,रहीश भाई,अभिषेक, शाहिद भाई,इकवाल कुरैशी,ज़ाहिद अंसारी आदि महिला पुरषों की उपस्थित उल्लेखनीय रही।



