महिलाओं ने शराब ठेका का किया विरोध प्रदर्शन
स्कूल-आबादी के मध्य ठेका संचालन से ग्रामीणों में आक्रोश

भरथना कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत पुलिस चौकी साम्हों के ग्राम में रविवार की सुबह देशी शराब के ठेका को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा,जिसे देख ठेका का गद्दीदार ठेका में बाहर से ताला जड़कर भाग निकला। सुबह करीब 11 बजे गांव की करीब एक सैकड़ा महिला-पुरुष शराब के ठेका के बाहर एकत्रित हो गए और ठेके को गांव की आबादी से हटाकर कहीं अन्य स्थान पर संचालित किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं के प्रदर्शन को देखते हुए ठेका संचालक दुकान में ताला लगाकर मौके से चला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जाते समय संचालक दुकान का बोर्ड भी अपने साथ निकाल ले गया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने शराब की दुकान को गांव के लिए परेशानी का कारण बताते हुए कहा कि उक्त ठेका पिछले करीब आठ वर्षों से गांव में संचालित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक शराब की दुकान बस्ती के बीच में है और इसके आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीणों के घर हैं। इतना ही नहीं,ठेके के समीप ही स्कूल भी स्थित है। ऐसे में सुबह से देर रात तक शराब की बिक्री होने से गांव के लोगों,विशेषकर महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शराब से घरों में बढ़ रहे विवाद
गांव निवासी रणवीर सिंह,गुलशन,सुखवीर, मिथुन,शिवम,शिवानी, शिशुपाल,कृष्ण मुरारी, ऊषा देवी,रीमा देवी, साक्षी कुमारी,सीमा देवी, शशि देवी,मीना देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शराब की दुकान के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई पुरुष शराब के नशे में घर पहुंचकर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। नशे की वजह से परिवारों में आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है।
महिलाओं का कहना था कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण गांव के नवयुवक भी नशे की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि यदि शराब का ठेका इसी तरह आबादी के बीच संचालित होता रहा तो इसका सबसे अधिक बुरा असर गांव के बच्चों और युवाओं पर पड़ेगा। महिलाओं ने कहा कि वह अपने बच्चों को नशे से दूर रखना चाहती हैं, लेकिन गांव के बीच शराब की दुकान होने से उन्हें लगातार चिंता बनी रहती है।
सुबह 5 से रात 12 बजे तक शराब बिक्री का आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने ठेका संचालक पर निर्धारित समय के विपरीत शराब बेचने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि ठेके पर सुबह करीब 5 बजे से ही शराब मिलना शुरू हो जाती है और रात करीब 12 बजे तक शराब की बिक्री किए जाने का आरोप है। इससे गांव में देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार शराब के नशे में लोग आपस में गाली-गलौज और मारपीट करते रहते हैं। कई बार महिलाओं को भी शराबियों की अभद्रता का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने कहा कि उन्हें अकेले घर से निकलने या वापस लौटने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शराब की दुकान की बिक्री के समय और अन्य नियमों की जांच कराने की भी मांग की।
महिलाओं के प्रदर्शन से मचा हड़कंप
रविवार सुबह अचानक बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के शराब के ठेके पर पहुंचकर प्रदर्शन करने से मौके पर हड़कंप मच गया। महिलाओं ने ठेका हटाने की मांग को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
आबकारी निरीक्षक ने लिया जायजा
पुलिस के समझाने के बाद आबकारी निरीक्षक हिमांशु तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शराब के ठेके को लेकर हो रही परेशानियों के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने उनके सामने भी अपनी शिकायतें रखते हुए ठेके को गांव की आबादी से हटाए जाने की मांग की। आबकारी निरीक्षक ने ग्रामीणों को उनकी समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई और मदद का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों का कहना है कि वह किसी व्यक्ति के रोजगार के खिलाफ नहीं हैं,लेकिन आबादी और स्कूल के बीच शराब की दुकान संचालित होने से महिलाओं,बच्चों और युवाओं पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर शराब की दुकान को आबादी से दूर किए जाने की मांग की है।



