स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मियों और छात्राओं ने दिया सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश

गाजियाबाद। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रविवार को कमिश्नरेट गाजियाबाद के नगर, ट्रांस हिंडन और ग्रामीण जोन में भव्य पैदल मार्च निकाला गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला वॉलंटियर्स फोर्स (एमवीएफ) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 2000 लोगों ने भाग लिया। मार्च के माध्यम से महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। महिलाओं और बालिकाओं ने एकजुट होकर समाज में महिला सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना रहा।
पुलिस से स्वास्थ्य विभाग तक की महिला कर्मियों ने लिया हिस्सा
पैदल मार्च में पुलिस विभाग, प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी), होमगार्ड, आशा बहुओं, एएनएम, अध्यापिकाओं, महिला चिकित्सकों, नर्सों और सफाईकर्मियों की महिला टीमें शामिल हुईं। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों की छात्राओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। अलग-अलग विभागों और शिक्षण संस्थानों की महिलाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।
मार्च में शामिल महिलाओं और छात्राओं ने संदेश दिया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
पोस्टर-बैनर के जरिए किया जागरूक
पैदल मार्च के दौरान महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़े पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शित किए गए। इनके माध्यम से महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। छात्राओं की भागीदारी के जरिए युवा पीढ़ी को भी समान अवसर और सुरक्षित वातावरण के महत्व से जोड़ने का संदेश दिया गया।
महिला सुरक्षा में समाज की भागीदारी पर जोर
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रति जागरूक करना है। गाजियाबाद कमिश्नरेट के तीनों जोन में आयोजित पैदल मार्च के जरिए अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की पहल की गई।
कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही, महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करने, उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भरता के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया।



