ईरान को हम एक टॉप-लेवल का देश बना देंगे, ट्रंप बोले- बस ये बात मान ले

Donald Trump UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक मंच पर अपनी आक्रामक विदेश नीति और सैन्य प्रभुत्व को खुलकर सामने रखा। मंगलवार को दिए अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका आज अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दुनिया में सबसे आगे है और देश के पास अप्रत्याशित सैन्य ताकत मौजूद है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील मुद्दे यानी ईरान के साथ तनाव पर सीधी चेतावनी जारी करते हुए परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने का आह्वान किया।
ईरान को सीधी चेतावनी और समझौते की पेशकश
अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर दोहरा रुख दिखाया। एक तरफ जहां उन्होंने तेहरान से कूटनीतिक समझौता करने का आग्रह किया और एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने में मदद की पेशकश की। ये भी कहा कि ईरान को हम एक टॉप-लेवल का देश बना देंगे। वहीं दूसरी तरफ बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की ज़िद नहीं छोड़ी, तो ज़रूरत पड़ने पर नए और विनाशकारी हमलों से देश को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
भारत-पाकिस्तान सहित 8 वैश्विक विवाद सुलझाने का दावा
ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान अपने कूटनीतिक योगदान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद सहित दुनिया भर के आठ बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने का अनुमान भी जताया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के घरेलू राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों की तैयारियों की बात भी दोहराई।
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ट्रंप के बोलते ही ईरानी प्रतिनिधियों ने किया वॉकआउट
संयुक्त राष्ट्र के हॉल में उस समय राजनयिक हलचल बढ़ गई जब ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान का नाम लेना शुरू किया। ट्रंप का रुख भांपते ही हॉल में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के अधिकांश सदस्य विरोध स्वरूप अपनी सीटें छोड़कर बाहर निकल गए। पूरे भाषण के दौरान ईरान की ओर से केवल एक प्रतिनिधि ही हॉल में मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची दोनों इस समय न्यूयॉर्क में ही मौजूद हैं, लेकिन ट्रंप के इस संबोधन के दौरान वे दोनों सभाकक्ष में उपस्थित नहीं थे।



