तेरहवीं का बहिष्कार कर मनाई श्रद्धांजलि सभा

हर जरूरत मंद एवं असहाय बच्चों को किया जायेगा मदद

संवाददाता सुल्तानपुर

सुल्तानपुर। ब्लाॅक कुड़वार की ग्राम पंचायत उत्तरगांव के ग्राम प्रधान शिवपूजन यादव की पत्नी दयावती यादव के असामयिक निधन के उपरांत परिजनों ने मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को खत्म करने का साहसिक व ऐतिहासिक फैसला लिया।दिवंगत पत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शांति हवन किया गया और उनकी याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

शोक सभा में परिवार के सदस्यों ने कहा उस समय के रीति-रिवाज के हिसाब से इनकी शादी बचपन में शिवपूजन यादव के साथ हुई थी, लगभग 18 वर्ष की उम्र में सन् 1992 में विवाह, गौना-थौना की सम्मूर्ण रस्म पूर्ण कर ग्राम-गंगा का पुरवा, मौजा- उत्तरगांव में संयुक्त परिवार में आयी थी।

तब से लेकर आज तक संयुक्त परिवार की सक्रिय मुखिया सदस्य अर्थात जेठानी के रूप में पूर्ण स्वस्थ, निरोग एवं निश्चिंत रहकर जीवन यापन किया। इन्होंने एक पुत्र दिलीप यादव, दो पुत्रियां ज्योति यादव और आयुशी यादव सहित दो देवरानियों का भी भरा-पूरा परिवार बहुत ही शौक से पाला-पोसा, पढ़ाया, लिखाया और अच्छा संस्कार दिया।शोक श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए सेवानिवृत्त लेखाधिकारी बड़े बाबू रामसेवक यादव ने कहा परिवार ने मृत्युभोज जैसी कुप्रथा का बहिष्कार कर समाज को बड़ा संदेश दिया है, जिससे अन्य परिवारों को प्रेरणा मिलेगी, वे मृत्युभोज करने के चक्कर में अन्य खर्च, आर्थिक बोझ और कर्ज के बोझ से बचेंगे।

ऐसा दिखावा किस काम का जो गरीब को कर्जदार बना दे। अगर किसी के पास देने की इच्छा और सामर्थ्य है तो मृत्युभोज के बजाय जरूरत मंद एवं बच्चों की दान व मदद करेंगे और पेड़ पौधा भी लगायेंगे। श्रद्धांजलि सभा में शामिल रहे जंगबहादुर यादव, राजबहादुर यादव (एडवोकेट), बृजेश यादव, डा० ओमप्रकाश यादव (प्रोफेसर- साकेत महाविद्यालय), स्वामीनाथ यादव, डा० नरेंद्र बहादुर यादव, डा० सुरेश यादव, शिवमगन यादव, गयाशंकर यादव, रामकृपाल यादव, लल्लन यादव, राजबहादुर यादव “बव्वाली”, रामसुंदर यादव (एडवोकेट), भुल्लुर यादव,जगजीत पाल, रामसूरत यादव, मास्टर समाजसेवी दिनेश सिंह यादव समेत सैकड़ों लोग श्रंद्धाजलि सभा में मौजूद रहे।

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