बदायूं पुलिस पर गंभीर आरोप: विवाहिता को वन स्टॉप सेंटर भेजने व दबाव बनाने का आरोप, पति ने सुरक्षा की मांग की

गाजियाबाद के विजय नगर निवासी 25 वर्षीय रितिक कुमार ने बदायूं पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रितिक का कहना है कि उन्होंने 1 जून 2026 को 23 वर्षीय संध्या से अपनी मर्जी से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था।
पीड़ित के अनुसार, 3 जून की रात लगभग 2 बजे बदायूं पुलिस बिना महिला स्टाफ के उनके घर पहुंची और उनकी पत्नी संध्या को कथित रूप से जबरन अपने साथ ले गई। आरोप है कि इस दौरान संध्या के परिजन भी पुलिस के साथ मौजूद थे और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी व धक्का-मुक्की हुई।
रितिक कुमार का यह भी आरोप है कि उन्हें रास्ते में पुलिस द्वारा धमकाया गया और थाने ले जाने के बजाय उन्हें कुछ घंटों तक पुलिस चौकी के बाहर गाड़ी में बैठाए रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर पत्नी को छोड़ने और बयान बदलने का दबाव बनाया गया तथा धमकी भी दी गई।
परिजनों का दावा है कि घटना के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी, जिसे एक पुलिसकर्मी ने मोबाइल से डिलीट करा दिया, हालांकि उसका बैकअप सुरक्षित होने का दावा किया गया है।
रितिक का कहना है कि बाद में संध्या को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया, जबकि उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में यह स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से रितिक के साथ रहना चाहती है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें अभी तक न्यायिक बयान के लिए पेश नहीं किया गया और उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
रितिक कुमार ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद, पुलिस अधीक्षक बदायूं, डीजीपी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर कार्रवाई, सुरक्षा और पत्नी को मुक्त कराने की मांग की है।



