MLC चुनाव में आर-पार; अखिलेश यादव ने चली ऐसी चाल, बैकफुट पर आई भाजपा

UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं मगर राजनीतिक माहौल अभी से गर्म होने लगा है। इसकी बड़ी वजह शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 विधान परिषद सीटों पर होने वाला चुनाव है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मुकाबला केवल एमएलसी सीटों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दलों की स्थिति का भी संकेत मिलेगा।
भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों इस चुनाव को गंभीरता से ले रही हैं। उम्मीदवारों के चयन से लेकर संगठनात्मक तैयारी तक सभी स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। वहीं कई दावेदार टिकट की उम्मीद में लगातार संपर्क साध रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 11 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 7 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें पांच सीटें स्नातक कोटे और छह सीटें शिक्षक कोटे की हैं।
चुनाव कार्यक्रम सितंबर में घोषित होने की संभावना जताई जा रही है। मतदान इसी वर्ष होने की उम्मीद है। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि इससे शिक्षित वर्ग और बुद्धिजीवियों के बीच उनकी स्वीकार्यता का संदेश जाएगा।
भाजपा और सपा दोनों ने बढ़ाई सक्रियता
समाजवादी पार्टी कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। दूसरी ओर भाजपा ने भी पांच उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। बाकी सीटों पर अभी मंथन जारी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन सीटों पर भाजपा पिछली बार जीत नहीं सकी थी वहां नए समीकरणों और नए चेहरों पर विचार किया जा रहा है।
पिछला चुनाव क्या कहता है?
पिछले चुनाव में भाजपा ने छह सीटों पर जीत हासिल की थी। समाजवादी पार्टी के खाते में तीन सीटें गई थीं। एक सीट शिक्षक दल और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती थी।
इसी कारण इस बार का मुकाबला और अधिक दिलचस्प माना जा रहा है। सभी दल अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं।
कुछ नाम चर्चा में
आगरा शिक्षक सीट से पिछली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज करने वाले आकाश अग्रवाल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हाल के दिनों में उनकी भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
वहीं गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।
स्नातक कोटे की सीटों की वर्तमान स्थिति
- लखनऊ खंड स्नातक सीट – अवनीश कुमार सिंह (भाजपा)
- आगरा खंड स्नातक सीट – डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा)
- मेरठ खंड स्नातक सीट – दिनेश कुमार गोयल (भाजपा)
- इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट – मान सिंह यादव (सपा)
- वाराणसी खंड स्नातक सीट – आशुतोष सिन्हा (सपा)
शिक्षक कोटे की सीटों की वर्तमान स्थिति
- लखनऊ सीट – उमेश द्विवेदी (भाजपा)
- मेरठ सीट – श्रीचंद शर्मा (भाजपा)
- बरेली-मुरादाबाद सीट – हरी सिंह (भाजपा)
- वाराणसी सीट – लाल बिहारी (सपा)
- गोरखपुर-फैजाबाद सीट – ध्रुव कुमार त्रिपाठी (शिक्षक दल/शर्मा गुट)
- आगरा सीट – आकाश अग्रवाल (निर्दलीय)
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2027 से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक और स्नातक वर्ग के बीच समर्थन हासिल करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए प्रतिष्ठा का विषय होता है। ऐसे में इन 11 सीटों के नतीजे केवल विधान परिषद तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच बनने वाले राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।



