किसान यूनियन भानु के कार्यकर्ताओं ने अमेठी डीएम को सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन, किसानों की समस्याओं के समाधान की उठी मांग

अमेठी। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील तिलोई में किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी अमेठी को 9 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष युवा राघवेंद्र कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री सत्येंद्र दुबे, तहसील अध्यक्ष नंद कुमार पांडे, तहसील प्रभारी सुमित तिवारी, पिंकू मिश्रा, जुनैद पवन और हरकू सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने कहा कि क्षेत्रीय किसान धान खरीद में अनियमितता, आवारा पशुओं के आतंक, बिजली विभाग की मनमानी, सिंचाई संकट और राजस्व विभाग की लापरवाही से बेहद परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगे तत्काल नहीं मानी गईं, तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
1. धान खरीद में पारदर्शिता व 150 क्विंटल उपज की बाध्यकारी खरीद:
किसानों ने कहा कि खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था के कारण उन्हें उपज बेचने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। भुगतान में भी देरी की जा रही है।
2. आवारा पशुओं पर नियंत्रण:
निलगाय और छुट्टा पशुओं से लगातार फसल नष्ट हो रही है। किसानों ने प्रभावी रोकथाम की मांग की।
3. राजस्व विभाग द्वारा मनमाने अंश निर्धारण पर रोक:
किसानों से भारी-भरकम शुल्क लेकर संशोधन कराया जा रहा है, जिसे बंद कर निशुल्क सुधार किए जाने की मांग की गई।
4. गेहूँ की सिंचाई हेतु नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए।
5. राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा किसानों के अनावश्यक उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
6. बिजली विभाग द्वारा जबरन कनेक्शन काटने की कार्रवाई रोकी जाए:
किसानों ने कहा कि वे फसल बेचकर बिल जमा करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें समय दिया जाए।

7. शीतलहर व पाला प्रभावित क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित कर विशेष बजट जारी किया जाए।
8. अमेठी रेलवे स्टेशन पर सभी पूर्ववत ट्रेनों का ठहराव बहाल किया जाए।
9. इन्हौना बस स्टेशन पर बसों का नियमित संचालन शुरू कराया जाए:
सड़क पर बसों के रुकने से जाम और दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।
किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि रबी और खरीफ सीजन की कृषि गतिविधियों पर असर न पड़े।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई में देरी की, तो किसान यूनियन बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएगा।



