महिला आयोग की पहल, 10 मामलों पर हुआ सीधा हस्तक्षेप

महिला सशक्तिकरण पर जोर, कासिमपुर में लगी जन चौपाल

सुजीत कुमार मऊ

मऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या गीता बिंद जी ने पीडब्ल्यूडी डाक बंगला मऊ में जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, उत्पीड़न और अन्य सामाजिक समस्याओं से जुड़े कुल 10 प्रकरण सामने आए। आयोग की सदस्या ने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने और पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए संबंधित थानों को स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जनसुनवाई के उपरांत कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जिला प्रशासन द्वारा चयनित ग्राम पंचायत कासिमपुर में जन चौपाल कार्यक्रम तथा ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का आयोजन किया गया। इसमें श्रीमती गीता बिंद जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसे सामाजिक अभिशाप बताया और समाज से इसे जड़ से खत्म करने की अपील की।

इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई, जिससे महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही ग्राम पंचायत कासिमपुर के बीएलओ से मुलाकात कर एसआईआर अभियान की प्रगति की समीक्षा भी की गई। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी, महिला कल्याण विभाग की पूरी टीम, ग्राम प्रधान, आशा सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। जनसुनवाई और जागरूकता कार्यक्रम से महिलाओं में न्याय और सशक्तिकरण को लेकर भरोसा बढ़ा।

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