ईरान ने एक ऐसा हमला किया जिसकी अमेरिका को ज़रा भी उम्मीद नहीं थी, सब कुछ जलकर हुआ राख

us embassy in saudi: अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में हमलों और जवाबी हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहाँ एक तरफ इज़रायल और अमेरिका ईरान के अलग-अलग हिस्सों पर ज़ोरदार मिसाइल हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले करके करारा जवाब दे रहा है।
हालाँकि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यह युद्ध दो से तीन हफ़्तों में खत्म हो जाएगा, लेकिन संघर्ष की तीव्रता बढ़ती ही जा रही है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, रात 1:30 बजे ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला कर दिया।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव अब एक नए स्तर पर पहुँच गया है। ईरान ने सऊदी अरब स्थित दूतावास को जितना नुकसान पहुँचाया है, वह अमेरिकी अधिकारियों के अनुमान से कहीं ज़्यादा है। इस हमले ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और भी ज़्यादा बढ़ा दिया है। इस पूरी घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के ज़रिए सामने आई है।
3 मार्च को सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर किए गए ड्रोन हमले से भारी तबाही मची। यह हमला रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब ईरान के दो ड्रोन सीधे दूतावास परिसर के उस हिस्से को निशाना बनाकर छोड़े गए, जिसे सबसे सुरक्षित माना जाता था। निशाना बेहद सटीक था। नतीजतन, उस जगह पर कई घंटों तक भीषण आग लगी रही।
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जान-माल का भारी नुकसान होते होते बचा
इस हमले से परिसर के अंदर बनी तीन-मंज़िला इमारत को भारी नुकसान पहुँचा, जहाँ CIA का स्टेशन स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, दूतावास के कुछ हिस्से अब इतने क्षतिग्रस्त हो चुके हैं कि उनकी मरम्मत संभव नहीं है। चूँकि यह हमला रात के समय हुआ था, इसलिए परिसर में मौजूद कर्मचारियों की संख्या कम थी। अगर ऐसा विनाशकारी हमला दिन-दहाड़े हुआ होता, तो संभवतः जान-माल का भारी नुकसान होता, क्योंकि उसी इमारत में सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं।



