चीन पर भरोसा ठीक नहीं – सिकंदर यादव, वरिष्ठ समाजसेवी

गाज़ियाबाद। वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव ने कहा कि चीन पर आँख मूँदकर भरोसा करना भारत के लिए खतरे से खाली नहीं है। हाल ही में प्रधानमंत्री की चीन यात्रा को विदेश नीति के जानकार अमेरिका को जवाब और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर का संकेत बता रहे हैं। मगर 1962 युद्ध और गलवान की घटना के बाद चीन की नीतियों से स्पष्ट है कि वह भारत का सच्चा हितैषी नहीं हो सकता।
सिकंदर यादव ने कहा कि चीन की विस्तारवादी सोच तिब्बत से लेकर लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश तक दिख चुकी है। पाकिस्तान को हथियार और खुफिया जानकारी देने से भी यह साबित होता है कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन सिर्फ भारतीय बाजार को अपने उत्पादों से भरने के लिए भारत से संबंध बढ़ा रहा है। सस्ते चीनी सामान ने भारत के कुटीर व लघु उद्योग को बर्बाद कर दिया है, यहां तक कि खिलौना उद्योग भी खत्म होने की कगार पर है। दिवाली, होली, रक्षाबंधन जैसे त्यौहारों पर भी बाजार चीनी सामान से पटे रहते हैं।
सिकंदर यादव ने नीति निर्धारकों से अपील की कि भारत को अपनी विदेश व व्यापार नीति इस प्रकार बनानी चाहिए कि चीन को एकतरफा लाभ न मिले और भारतीय उद्योगों की रक्षा हो सके।



