भारत के लिए ‘खतरे’ की घंटी, ट्रंप के नए टैरिफ प्लान से चीन को राहत
Trade Tariff War: ट्रंप के सभी देशों पर लगाए गए 15 परसेंट के एक जैसे टैरिफ से एशिया-पैसिफिक इलाके की कुछ इकॉनमी को राहत मिल सकती है, जिसमें चीन और साउथ-ईस्ट एशियाई देश शामिल हैं। यह जानकारी मूडीज एनालिटिक्स ने दी है।
हालांकि, मूडीज ने कहा कि भारत के ट्रेड डील पर अभी भी तलवार लटकी हुई है। यह फैसला चीन समेत साउथ-ईस्ट एशिया के उन देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जिन्हें पहले US से बहुत ज़्यादा और दबाव वाले टैरिफ का सामना करना पड़ता था।
इस फैसले से भारत पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की संभावना है। भारत और US के बीच हाल के ट्रेड एग्रीमेंट अब सवालों के घेरे में आ गए हैं।
इंडिया से रूसी तेल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट की खरीद कम करने की भारत की डेडलाइन जैसे ज़रूरी मुद्दे अभी भी पेंडिंग हैं। इसीलिए भारत ने अपनी वाशिंगटन यात्रा को फिलहाल के लिए टाल दिया है।
हालांकि टैरिफ में कमी एक छूट जैसी लगती है, मगर मूडीज ने यह भी चेतावनी दी है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन फिर से टैरिफ बढ़ाने के कानूनी तरीके ढूंढ सकता है। एंटरप्रेन्योर्स से कहा गया है कि वे सावधान रहें और अभी जश्न न मनाएं।
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भारत के लिए चुनौती बना टैरिफ
अमेरिका के द्वारा जारी किए गए नए टैरिफ नियम कुछ देशों के लिए राहत लेकर आए हैं, मगर भारत के लिए यह एक नई चुनौती बन सकती है। भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक तनाव को लेकर स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह निर्णय किस दिशा में जाता है और भारत के लिए इसके क्या परिणाम होंगे।



