भारत के टॉप 5 गेंदबाज, जिन्होंने अपने करियर में सबसे ज्यादा गेंदें फेंकी

भारतीय क्रिकेट में जब बात सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले गेंदबाजों की होती है तो नाम आता है उन खिलाड़ियों का जिन्होंने सालों तक लगातार ओवर के बाद ओवर फेंके। पैरों में छाले पड़े, कंधा चटक गया, फिर भी गेंद थामे रहे। आज हम देखते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें फेंकने का भारतीय रिकॉर्ड किसके पास है और रवींद्र जडेजा इस लिस्ट में कहां खड़े हैं।

अनिल कुंबले – 55,346 गेंदें

कोई टक्कर में भी नहीं। जंबो ने 18 साल के करियर में 403 मैच खेले और कुल 55,346 गेंदें डालीं। 619 टेस्ट विकेट और 337 वनडे विकेट लेने के बावजूद उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड यही है कि उन्होंने सबसे ज्यादा देर तक गेंद हाथ में पकड़ी। 1990 से 2008 तक जब भी भारत को लंबा स्पेल चाहिए था, कुंबले खड़े हो जाते थे।

हरभजन सिंह – 41,671 गेंदें

भज्जी दूसरा नाम है इस फेहरिस्त में। 367 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 41,671 गेंदें फेंकीं। 1998 में डेब्यू से लेकर 2016 तक आखिरी मैच तक उनका दो रुख वाला एक्शन और तीखी फिरकी भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ रही।

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कपिल देव – 38,942 गेंदें

1983 के विश्व कप हीरो और भारत के सबसे महान ऑलराउंडर कपिल पाजी ने 356 मैचों में 38,942 गेंदें डालीं। तेज गेंदबाज होते हुए भी उन्होंने इतनी गेंदबाजी की जितने आज के कई स्पिनर नहीं कर पाते। 1978 से 1994 तक 16 साल तक लगातार गेंद थमाए रखी।

रविचंद्रन अश्विन – 35,001 गेंदें

अश्विन ने दिसंबर 2024 में संन्यास ले लिया। जाते-जाते उन्होंने 237 मैचों में 35,001 गेंदें फेंककर चौथा स्थान पक्का कर लिया। ऑफ स्पिन, कारम बॉल, द्रविड़ बॉल, सब आजमा डाले और लंबे लंबे स्पेल डाले। अब वे कमेंट्री बॉक्स में बैठकर पुराने दिन याद करते हैं।

रवींद्र जडेजा – 31,374 गेंदें (अभी जारी)

और लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं सर रवींद्र जडेजा। फिलहाल 366 अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे 31,374 गेंदें फेंक चुके हैं। पिछले साल टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने के बाद अब सिर्फ टेस्ट और वनडे खेलते हैं। इस वक्त साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी गेंद और बल्ला दोनों चला रहे हैं। अगर स्वस्थ रहे और दो-तीन साल और खेल गए तो चौथे या तीसरे नंबर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

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