कितना है आपका शुगर, बिना खून निकाले पता चल जाएगा; जानें कैसे

Sugar Level Testing Machine: मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) के साइंटिस्ट्स ने डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए एक क्रांतिकारी ग्लूकोज़ सेंसर बनाया है। इस सिस्टम से अब बिना सुई लगाए और खून निकाले ब्लड शुगर लेवल चेक करना मुमकिन हो जाएगा। यह सिस्टम शरीर में ग्लूकोज़ लेवल को पढ़ने के लिए लाइट वेव्स का इस्तेमाल करता है।
ये टेक्नोलॉजी कैसे करती है काम
लाइट वेव्स का इस्तेमाल करने वाला नया सेंसर ‘रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी (Raman Spectroscopy)’ नाम की टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस तरीके में स्किन पर एक खास लाइट डाली जाती है। स्किन से मिले सिग्नल्स को एनालाइज़ करके ब्लड ग्लूकोज़ के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाती है। रिसर्चर्स के मुताबिक, उंगली में सुई चुभोकर या मौजूदा वियरेबल डिवाइस का इस्तेमाल करके टेस्ट करने के बजाय, यह नई टेक्नोलॉजी सिर्फ़ 30 सेकंड में रीडिंग देती है। इसकी एक्यूरेसी लीडिंग वियरेबल डिवाइस के बराबर मानी जाती है।
कैसे हुई इस टेक्नोलॉजी की खोज
2010 में MIT में पहली बार यह साबित हुआ कि रमन टेक्नोलॉजी ब्लड सैंपल लिए बिना शुगर लेवल को पढ़ सकती है।
2020 में लाइट के नए एंगल का इस्तेमाल करके, ग्लूकोज़ सिग्नल और साफ़ हो गए और इस टेक्नोलॉजी को प्रैक्टिकल लेवल पर लाने में मदद मिली। शुरू में इस टेक्नोलॉजी का पहला मॉडल डेस्कटॉप प्रिंटर जितना बड़ा था।
बाद में इसे छोटा करके जूते के डिब्बे जितना कर दिया गया। अब साइंटिस्ट्स ने डिवाइस का साइज़ काफी कम कर दिया है।
अब स्मार्टवॉच जितना छोटा सेंसर होगा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में इस सेंसर को स्मार्टवॉच जितना छोटा बनाया जा सकता है। अभी, टीम इस डिवाइस की एक्यूरेसी पक्का करने और इसे छोटा, पोर्टेबल वर्जन बनाने पर काम कर रही है।
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इससे डायबिटीज के मरीजों को रोज़ाना टेस्टिंग की परेशानी से काफी राहत मिलेगी। इसलिए सेंसर सिर्फ खून की टेस्टिंग करेगा और सुई लगाने, खून निकालने जैसे टाइम लेने वाले प्रोसेस की ज़रूरत नहीं होगी।



