केरलम में बदलाव की बहार

हम्माम वहीद
केरलम विधानसभा चुनाव के लिए कल मतदान होगा। और मतदान से ठीक पहले चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुँच चुका है। इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाले United Democratic Front (UDF) ने बदलाव के स्पष्ट संदेश के साथ नई रणनीति अपनाई है। टिकट वितरण से लेकर प्रचार शैली तक, हर स्तर पर सामाजिक न्याय, जातीय संतुलन, युवा नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाने का प्रयास दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस हाई कमान ने घोषित 92 उम्मीदवारों में से 52 उम्मीदवार 50 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो यह साबित करता है कि पार्टी युवा नेतृत्व पर भरोसा जता रही है। जातीय संतुलन का भी विशेष ध्यान रखा गया है, प्रमुख समुदायों में से नायर समुदाय से 21, एझावा समुदाय से 20 और मुस्लिम समुदाय से 12 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। इसके साथ ही पार्टी ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संगठन से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देकर यह संकेत दिया है कि अब राजनीति में ज़मीन और संगठन से जुड़े वफादार कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
चुनाव प्रचार में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरी ताकत झोंक दी है, भाई बहन की जोड़ी ने बड़ी बेबाकी से राज्य की सरकार और भजापा पर तीखे हमले किए।
जहां एक तरफ प्रियंका गांधी ने डोर-टू-डोर अभियान चलाकर जनता से सीधा संवाद किया, वही दूसरी तरफ राहुल गांधी ने साइकिल यात्रा के माध्यम से एक प्रतीकात्मक और भावनात्मक संदेश देने का प्रयास किया। राहुल गांधी की साइकिल यात्रा केवल एक चुनावी कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और पुथुप्पल्ली के उम्मीदवार चांडी ओमन जिस तरह पूरे क्षेत्र में साइकिल से प्रचार कर रहे हैं, उसी को समर्थन देने के लिए राहुल गांधी ने भी उनके क्षेत्र में साइकिल को चुना।
पुथुप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार का दृश्य बेहद दिलचस्प है। जहां सभी उम्मीदवार पोस्टर, बैनर, लाउडस्पीकर और बड़े काफिलों के साथ प्रचार कर रहे हैं, वहीं चांडी ओमन ने एक अलग रास्ता चुना है। उन्होंने “हरित अभियान” के तहत फ्लेक्स और बैनरों से दूरी बनाई और साइकिल से पूरे क्षेत्र में घूम घूम कर प्रचार किया। उनका कहना है कि मध्य पूर्व में चल रहे मानवीय संकट के बीच भव्य चुनाव प्रचार उचित नहीं है और वे अपने संसाधनों को चुनावी खर्च के बजाय जनता की सेवा में लगाना चाहते हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में 100 घर बनवाने की योजना शुरू की है, जिनमें से 50 घर पूरे हो चुके हैं। इस कार्य से उनकी सादगी, और जिम्मेदार राजनीति का संदेश मिलता है।
केरलम के चुनावी सभाओं में कांग्रेस नेताओं ने सत्ताधारी एलडीएफ और भजापा पर तीखे हमले किए।
केरल के कन्नूर में आयोजित जनसभा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आने वाले केरल चुनाव के लिए LDF और BJP के बीच एक सीक्रेट डील हुई है। हमने देखा कि सबरीमाला मंदिर में बड़े पैमाने पर चोरियां हुई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की तरफ से एक शब्द भी नहीं आया। यहीं इस डील के सबूत हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग के मुकदमों का सामना करना पड़ता है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के खिलाफ ऐसा एक भी मामला दर्ज नहीं है।
राहुल गांधी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता के लिए लेफ्ट नेतृत्व अपनी विचारधारा से समझौता कर रहा है, जिससे कार्यकर्ता खुद को ठगा और निराश महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा यह चुनाव तीन विचारधाराओं वाम मोर्चा (सीपीएम), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और कांग्रेस के बीच है, आगे कहा कि सीपीएम अब वामपंथी नहीं रही बल्कि अति दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर झुक गई है। उन्होंने कहा लेफ्ट में अब कुछ भी लेफ्ट नहीं बचा।
इसके इलावा कांग्रेस नृत्व वाले यूडीएफ के घोषणापत्र में भी समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में मुफ्त डायलिसिस और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार का वादा किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹2000 से बढ़ाकर ₹3000 करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग बनाने की घोषणा की गई है। किसानों और मछुआरों के लिए मूल्य समर्थन, डीजल सब्सिडी और कानूनी सुरक्षा का वादा किया गया है। जनजातीय समुदायों, गरीबों और हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए आवास और कल्याण योजनाओं पर भी विशेष जोर दिया गया है। रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में 10,000 लघु एवं मध्यम उद्यमों को वित्तीय सहयोग, “जॉब वॉच टावर” के जरिए वैश्विक रोजगार रुझानों पर नजर रखने और उच्च शिक्षा को रोजगार बाजार से जोड़ने की योजना सामने रखी गई है।
कुल मिलाकर कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दे को मजबूती से उठाने का काम किया इसलिए राज्य के लोगों के लिए यूडीएफ एक नई उम्मीद है, और केरलम में बदलाव की बहार है।



