ऊर्जा क्षेत्र में राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान और हैकथॉन इंस्टिंक्ट का शुभारंभ

प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी को 16 लाख रुपये तक ईनाम के साथ नौकरी और ऊर्जा क्षेत्र में साथ काम करने के दिए जाएंगे मौके

स्टार एक्सप्रेस संवाददाता

गुरुग्राम. टेक्नोलॉजी के बढ़ते संसाधनों को अपनाकर अब ऊर्जा सेक्टर भी आधुनिक युग में प्रवेश करने जा रहा है। पहले बिजली चोरी को रोकने और बिजली की मांग तथा आपूर्ति की खाई को पाटने के लिए जहां स्मार्ट मीटर लाए गए। वहीं अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान किया जाएगा।

इसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में डिजीटल सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी इंटेलीस्मार्ट इंफ्रा और आईआईटी दिल्ली के एनर्जी सोसाइटी ने मिलकर एक पहल की शुरुआत की है। जिसमें देश भर के कॉलेजों और कंपनियों के साथ सभी क्षेत्र के युवा आइडिया देने और उसे विकसित करने की प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं। विशेषज्ञों की कमेटी द्वारा विभिन्न चरणों में समपन्न होने वाली इस प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी को 16 लाख रुपये तक ईनाम के तौर पर दिए जाएंगे। साथ ही नौकरी और ऊर्जा क्षेत्र में मिलकर काम करने के अवसर भी मिलेंगे। इस प्रतियोगिता की पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू होकर 20 नवंबर तक चलेगी। इच्छुक प्रतिभागी https://www.intellismartinfra.in/innovation/instinct-40 पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

इसके शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए इंटेलीस्मार्ट के एमडी एवं सीईओ, श्री अनिल रावल ने कहा: “इंस्टिंक्ट हमारे नई खोज के मूल मूल्यों में से एक को दर्शाता है। हमारा उद्देश्य हमेशा से ऐसे नए विचारों के लिए एक मज़बूत मंच प्रदान करना रहा है, जो ऊर्जा क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों का समाधान कर सके। इंस्टिंक्ट के चौथे संस्करण के साथ हम उन प्रतिभाशाली लोगों की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो साहसिक और परिवर्तनकारी समाधान कर सकेंगे। जिनमें ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता है।”

आईआईटी दिल्ली में ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग (डीईएसई) के प्रमुख प्रो. रमेश नारायणन ने कहा: “इंस्टिंक्ट अगली पीढ़ी के नव आइडिया को पोषित करने और उन्हें भारत में एक आसान और सुनहरे भविष्य को तैयार करने में मददगार साबित होगा। यह एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है, जो ऊर्जा क्षेत्र के लिए समाधान का रास्ता विकसित करता है। इंटेलीस्मार्ट के साथ साझेदारी में, हमारा लक्ष्य नई खोज की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए नई तकनीकी ऊँचाइयों के विचारों को विकसित करना है जो उद्योग में सार्थक बदलाव ला सकें।”

इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाली राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के समाधान का रास्ता तैयार करना है। ऐसी नई खोज को बढ़ावा देना है जो बिजली वितरण के भविष्य की योजना को बेहतर आकार देगा। आपको बता देंक कि यह इंस्टिंक्ट का चौथा संस्करण है। इंस्टिंक्ट के पहले तीन संस्करणों में, कुल 8,000 से अधिक पंजीकरण हुए हैं, जिनमें 900 से अधिक कॉलेजों के 2,368 छात्र के अलावा 500 से अधिक पेशेवर और स्टार्ट-अप शामिल हैं। साथ ही, स्टार्ट-अप इंडिया, नैसकॉम और आईआईटी दिल्ली जैसे राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के सहयोग के माध्यम से इसने अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

आपको बता दें कि इंटेलीस्मार्ट ने इंस्टिंक्ट के माध्यम से वर्षों से एक ऐसा मंच तैयार किया है जो ऊर्जा क्षेत्र और वितरण कंपनियों को नए समाधान प्रदान करता है, जिससे बेहतर दक्षता प्राप्त होती है। इंस्टिंक्ट का चौथा संस्करण प्रतिभागियों को ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहतर भविष्य तैयार करने, ऊर्जा से संबंधित किसी भी चुनौतियों का समाधान तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, बिग डेटा एनालिटिक्स और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों की शक्ति का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

इंस्टिंक्ट 4.0, उद्योग की प्रमुख चुनौतियों के लिए एआई-संचालित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करके ऊर्जा क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन को गति प्रदान करेगा। इस वर्ष, नए आइडिया को उपभोक्ता सेवाओं को एकीकृत करने, सेवा के रूप में ऊर्जा के लिए उन्नत डिजिटल मॉडल बनाने, और पूर्वानुमानित रखरखाव के लिए एआई का उपयोग करके संचालन को अनुकूलित करने का काम करेगा। जिससे ओसीआर मीटर रीडिंग जैसे अत्यधिक सटीक डेटा कैप्चर करने के लिए एक स्मार्ट मीटरिंग सुपर ऐप विकसित करने का कार्य सौंपा जाएगा। लॉजिस्टिक्स पर एक महत्वपूर्ण ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें स्मार्ट मीटरों के लिए इंस्टॉलेशन से लेकर एक संपूर्ण, वास्तविक समय पर ट्रैकिंग प्रणाली की आवश्यकता होगी, जिससे निरंतर निगरानी सुनिश्चित हो सके।

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