मेहनत की उड़ान: प्रिया ने बी.काम में 87.5% लाकर राज्यपाल से पाया स्वर्ण पदक

गांव की बेटी से विश्वविद्यालय की टॉपर तक का सफर, बच्चों के लिए बनीं प्रेरणा

सुल्तानपुर/अयोध्या-जब लगन, अनुशासन और परिवार का साथ मिल जाए तो सफलता जरूर कदम चूमती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बनी हैं सुल्तानपुर जिले के तहसील बल्दीराय – गांव सेमती, पोस्ट, वलीपुर की बेटी प्रिया ।

श्री राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री रामफेर शिवफेर महाविद्यालय, निमड़ी अयोध्या की B.Com कॉमर्स की छात्रा प्रिया ने वर्ष 2026 की परीक्षा में कमाल कर दिया। 2800 पूर्णांक में से उन्होंने 2450 अंक यानी 87.5% हासिल कर न सिर्फ कॉलेज में बल्कि पूरे विश्वविद्यालय में अपना नाम टॉपर्स की सूची में दर्ज कराया। प्रिया के पिता धर्मेंद्र कुमार एक साधारण परिवार से हैं और माता रतन पती प्राथमिक विद्यालय चकमूसी, विकास खण्ड बल्दीराय, जनपद सुल्तानपुर में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। माँ खुद एक शिक्षिका हैं, इसलिए घर का माहौल शुरू से ही पढ़ाई और संस्कारों से भरा रहा।

प्रिया की इस असाधारण उपलब्धि को देखते हुए 31वां दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल के करकमलों द्वारा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। मंच पर जब प्रिया का नाम पुकारा गया तो पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। यह पल न सिर्फ प्रिया के लिए, बल्कि पूरे परिवार, गांव और कॉलेज के लिए गर्व का क्षण था।

प्रिया का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ो, लक्ष्य तय करो और हार मत मानो। वह मानती हैं कि मोबाइल और सोशल मीडिया के इस दौर में अगर समय का सही उपयोग किया जाए तो कोई भी बच्चा बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि प्रिया सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, व्यवहार और अनुशासन में भी सभी छात्रों के लिए आदर्श हैं। गांव के लोग भी उन्हें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सच्ची मिसाल मान रहे हैं। आज प्रिया हजारों बच्चों के लिए यह संदेश दे रही हैं कि छोटे गांव से भी बड़ी उड़ान भरी जा सकती है , बस जरूरत है मेहनत, हौसले और माता-पिता के आशीर्वाद की.

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