पहली ही बारिश में खुली निर्माण की पोल, तीन करोड़ की लागत बना था पुल

महराजगंज, रायबरेली। महराजगंज-इन्हौना मार्ग पर कैर नइया नाले पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल की पहली बारिश में ही निर्माण की पोल खुलती नजर आ रही है। पुल के ठीक पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है। व्यस्त मार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल का निर्माण महज दो माह पहले पूरा हुआ था और जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। इसके बावजूद लगातार बारिश के बीच पुल के पास की मिट्टी धंसने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए निर्माण के इतने कम समय में क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता और पीडब्ल्यूडी की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जलभराव की समस्या दूर करने के लिए बना था नया पुल
ग्रामीणों ने बताया कि कैर नइया नाला पहले काफी संकरा था। बारिश के दौरान जलनिकासी प्रभावित होने से आसपास जलभराव और आवागमन में परेशानी होती थी। समस्या के स्थायी समाधान के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से नया और चौड़ा पुल बनाया गया।
लेकिन पहली ही बारिश में पुल के पास सड़क धंसने से ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मानकों और गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिसके चलते बारिश का पानी और मिट्टी का कटान सड़क के लिए मुसीबत बन गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाए।
रात में बड़े हादसे का खतरा
सड़क पर बने गड्ढे के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में यदि कोई वाहन चालक क्षतिग्रस्त हिस्से को समय रहते नहीं देख पाया तो गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों ने विभाग से मौके पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी ने कहा- जल्द होगी मरम्मत
मामले में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राजेश यादव ने बताया कि सड़क धंसने की जानकारी विभाग के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन के भीतर कर्मचारियों की टीम भेजकर प्रभावित स्थान की मरम्मत करा दी जाएगी।
अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल के आसपास पहली बारिश में ही सड़क क्यों धंसी और क्या निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन हुआ था? इसकी जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।



