शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को मिली अधिनियम की जानकारी

जसवंतनगर में लगा विधिक जागरूकता शिविर

जसवंतनगर,इटावा। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आलमपुर गांव के पंचायत भवन में वरिष्ठ नागरिक अधिनियम,2007 के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। निःशुल्क विधिक जानकारी हेतु नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर शिविर संयोजक पीएलवी अधिकार मित्र ऋषभ पाठक ने उपस्थित ग्रामीणों को अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल एवं भरण-पोषण करना संतानों का केवल नैतिक नहीं बल्कि कानूनी दायित्व है।

अधिनियम की धारा के तहत यदि संतानें अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करती हैं तो वरिष्ठ नागरिक न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की शरण ले सकते हैं। यहां से उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य कहा कि वृद्धजन समाज की धरोहर हैं, उनके अधिकारों की रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा कहा कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े पीएलवी लगातार प्रयासरत रहते हैं और समस्याओं का निस्तारण कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर प्रधान इंद्रेश कुमार,पीएलवी लालमन बाथम,डॉ.अजब सिंह,पंचायत सहायक करन सिंह,अधिवक्ता विपिन बिहारी,रोजगार सेवक श्रीकांत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वरिष्ठ नागरिक किशनलाल, रामसहाय,रामसेवक, मोतीलाल आदि ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

दूसरा विधिक जागरूकता शिविर

इसी विषय पर शाहजहांपुर स्थित पंचायत घर में दूसरा विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर का संयोजन पीएलवी राजेन्द्र यादव ने किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धाराओं,अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और भरण-पोषण करना हर संतान का कानूनी कर्तव्य है। उपेक्षा की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तत्परता से सहायता करता है और प्रभावित व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस मौके पर अक्षय, राजीव कुमार,संजू सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे और अधिनियम की जानकारी लेकर लाभान्वित हुए।

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