बुद्ध विहार का कायाकल्प प्रगति पर है

जसवंतनगर,इटावा। हाईवे किनारे नगला हरचंद मलाजनी स्थित बुद्ध विहार का कायाकल्प कार्य लगातार प्रगति पर है और परिसर को अधिक शांतिमय,दर्शनीय तथा आध्यात्मिक स्वरूप देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई,जिसमें पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि अध्ययन सुविधा बढ़ाने हेतु बौद्ध साहित्य का एक पुस्तकालय भी खोला जाएगा।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि बुद्ध विहार में स्थापित बुद्ध प्रतिमा को छत के मध्य खुले स्वरूप में स्थापित किया जाए,ताकि हाईवे से गुजरने वाले श्रद्धालु और बौद्ध अनुयायी दूर से ही सहजता के साथ बुद्ध दर्शन कर सकें।

यह प्रस्ताव उक्त बुद्ध विहार को क्षेत्र का एक प्रमुख धम्म केंद्र बनाने की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही बुद्ध विहार परिसर में स्वच्छता व्यवस्था,आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था,परिसर में रोशनी बढ़ाने,पौधरोपण द्वारा हरियाली को विस्तार देने और नए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।

पुनर्निर्माण प्रक्रिया को गति देने और प्राप्त दान के पारदर्शी व्यय विवरण को सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिस पर सभी ने सहमति व्यक्त की।

बैठक में उपस्थित धम्म अनुयायियों,संघ समर्थकों और स्थानीय धम्म हितैषियों ने बुद्ध विहार को एक आदर्श आध्यात्मिक केंद्र बनाने के लिए अपने विचार रखे तथा सहयोग का आश्वासन भी दिया। विहार को क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक माहौल में सकारात्मक बदलाव का केंद्र बताया गया।

बैठक में संयोजक लक्ष्मण सिंह शाक्य पेंटर, प्रधान लक्ष्मी नारायण शाक्य,नाजिर प्रेम सिंह शाक्य,समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य,गौरव शाक्य नगला भिखन,राम प्रकाश नगला हरचंद,होरीलाल नगला हुलासी,दिनेश कुमार नगला भिखन,ओम नारायण बनकटी,रामकरन मलूपुरा,जनवेद सिंह नगला भिखन आदि धम्म हितैषी उपस्थित रहे।

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