दूसरा पक्ष जाने-सुने बिना आरोप प्रकाशन अन्याय

सैफई यूपीयूएमएस और कुलपति पर सोशल मीडिया की प्रकाशित टिप्पणी का जवाब

सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह ने कहा है कि किसी दूसरे पक्ष को जाने बिना और सुने बिना आरोप लगाना और सोशल मीडिया आदि माध्यमों से प्रकाशन करना एकतरफा अन्याय के साथ कानूनी अपराध भी है।

यह बात हाल के कुछ दिनों में सोशलमीडिया एवं अन्य माध्यमों से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो.डॉ. अजय सिंह एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के संबंध में कुछ भ्रामक, तथ्यहीन एवं एकपक्षीय टिप्पणियाँ प्रसारित होने के बाद स्वयं कुलपति प्रो.डॉ. श्री सिंह ने प्रेस को जारी एक प्रेस नोट कहीं हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाए गए उक्त आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए वास्तविक तथ्यों को जनसामान्य के समक्ष प्रस्तुत करने की अपील की है।
कुलपति श्री सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिस नियुक्ति प्रकरण का उल्लेख विभिन्न माध्यमों पर किया जा रहा है,वह वर्ष 2024–2025 का प्रकरण है,जो वर्तमान कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व का है। अतःउक्त प्रकरण से संबंधित निर्णय एवं प्रक्रियाएँ वर्तमान प्रशासनिक कार्यकाल से पूर्व की हैं।

कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह द्वारा विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत प्राप्त शिकायतों एवं उपलब्ध तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच हेतु एक सक्षम समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा विस्तृत परीक्षण एवं अभिलेखों के अध्ययन के उपरांत अपनी जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रस्तुत कर दी गई है।

उक्त रिपोर्ट को विश्वविद्यालय की आगामी कार्यपरिषद की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यपरिषद द्वारा रिपोर्ट के परीक्षण के उपरांत नियमानुसार एवं विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी स्तर पर अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है,तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कुलपति प्रो.डॉ.सिंह ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन सदैव पारदर्शिता, जवाब देही एवं सुशासन के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार,अनियमितता एवं नियमविरुद्ध गतिविधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है तथा प्रत्येक शिकायत का परीक्षण निष्पक्ष एवं विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन सभी से अपेक्षा करता है कि किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय एवं आधिकारिक कार्यवाही से पूर्व अप्रमाणित सूचनाओं एवं भ्रामक प्रचार पर विश्वास न करें। यूपीयूएमएस,सैफई एक प्रतिष्ठित चिकित्सा शिक्षण एवं स्वास्थ्य सेवा संस्थान है और इसकी गरिमा, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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