जब देश मना रहा था नया साल तो क्या रहे थे पीएम मोदी, जानकर करेंगे सलाम
Pm modi on new year 2026: जब देश नया साल मना रहा था और लोग उत्सवों में व्यस्त थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के शासन और विकास के कार्यों का गंभीरता से मूल्यांकन किया। यह समय था प्रधानमंत्री के ‘प्रगति’ (Pro-Active Governance and Timely Implementation) मंच की 50वीं बैठक का। इस बैठक में मोदी ने पिछले दशक की सरकारी योजनाओं की समीक्षा की और आने वाले वर्षों के लिए विकास की स्पष्ट दिशा तय की।
प्राइम मिनिस्टर ने बताया कि ‘प्रगति’ मंच के तहत पिछले दस वर्षों में 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम हुआ। यह मंच न केवल योजनाओं की निगरानी का एक सिस्टम बन चुका है, बल्कि शासन में आए ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बन चुका है।
विकास की गति और योजनाओं का प्रभाव
‘प्रगति’ के तहत सड़क, रेल, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का त्वरित मूल्यांकन हुआ। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अब शासन का मतलब केवल कागजों पर काम नहीं बल्कि त्वरित निर्णय, समन्वय और जिम्मेदारी है। जब निर्णय सही समय पर लिए जाते हैं और जिम्मेदारी तय होती है, तो इसका सीधा फायदा जनता को मिलता है।
पीएम ने ‘पीएम श्री योजना’ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आगाह किया कि इस योजना का मकसद सिर्फ इमारतें बनाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो भविष्य के लिए तैयार हो और अन्य स्कूलों के लिए आदर्श बन सके।
प्रगति मंच: एक नया शासन मॉडल
आगे उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ मंच की प्रेरणा गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किए गए ‘स्वागत’ सिस्टम से मिली थी, जिसका उद्देश्य जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना था। इस मॉडल को अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया, जिससे परियोजना निगरानी, कार्यक्रम क्रियान्वयन और शिकायत निवारण एक ही मंच पर संभव हो सका।
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आंकड़े भी इस बदलाव को साबित करते हैं। 2014 से अब तक ‘प्रगति’ के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई और इनमें से 94 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया गया। इसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं, जैसे बोगीबील रेल-सड़क पुल, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और भिलाई स्टील प्लांट का विस्तार, समय पर पूरी हो सकीं।



