पासवर्डलेस तकनीक से सुरक्षित होगा डिजिटल भविष्य : गौतम हज़ारी
आईटीएस मोहन नगर में ‘संवाद’ श्रृंखला के तहत डिजिटल सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित

गाजियाबाद। आईटीएस मोहन नगर में ‘संवाद’ व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत ‘पासवर्ड रहित दुनिया की ओर’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा, डिजिटल पहचान और भविष्य की सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गौतम हज़ारी, सह-संस्थापक, सेक्युरा मोबाइल इंटेलिजेंस, यूके तथा वोडाफोन यूके के पूर्व मुख्य वास्तुकार ने विद्यार्थियों को पासवर्ड रहित प्रमाणीकरण, डिजिटल पहचान, मोबाइल नेटवर्क इंटेलिजेंस, नेटवर्क एपीआई और आधुनिक प्रमाणीकरण प्रणालियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिशिंग, पासवर्ड चोरी, पहचान संबंधी जानकारी के लीक होने और सोशल इंजीनियरिंग जैसे साइबर खतरों के कारण पारंपरिक पासवर्ड आधारित सुरक्षा व्यवस्था के सामने लगातार चुनौतियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में सिम आधारित प्रमाणीकरण, उपकरण संबंधी जानकारी, बायोमेट्रिक्स, नेटवर्क एपीआई और सत्यापित डिजिटल पहचान डिजिटल सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अपने द्वारा विकसित डिजिटल पहचान एवं नेटवर्क एपीआई मंच के माध्यम से मोबाइल नेटवर्क इंटेलिजेंस के उपयोग को भी उदाहरणों के साथ समझाया।
आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा ने कहा कि विकसित भारत 2047 की यात्रा में सुरक्षित, विश्वसनीय और समावेशी डिजिटल ढांचे की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय तकनीक और जुड़े हुए डिजिटल मंचों के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करना भी जरूरी है।
संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील पाण्डेय ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम और नवाचार आधारित भारत का निर्माण भी इसका हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा, डिजिटल पहचान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।



