हाजी मस्तान की बेटी का दर्द, डॉन की वारिस आज PM मोदी से मांग रही है न्याय की भीख

वक्त कब बदल जाए? किस्मत कब रूठ जाए? भरोसा कब टूट जाए? अपने कब पलट जाएं? समय बदलते वाकई देर नहीं लगती। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अस्सी और नब्बे के दशक में जिस हाजी मस्तान के नाम का सिक्का चला करता था, उस माफिया डॉन की बेटी हसीन मस्तान मिर्जा आज न्याय के लिए दोनों हाथ जोड़कर भीख मांगने को मजबूर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से वह मदद की गुहार लगाने को विवश है। इंतकाल के 21 साल बाद माफिया डॉन हाजी मस्तान एकाएक चर्चाओं में है।
सोशल मीडिया पर मस्तान की बेटी हसीन के वायरल वीडियो को देखकर यूजर्स का दिल भी बैठ रहा है। हसीन की आंखों से आंसू बरस रहे हैं। चेहरे पर मायूसी के भाव हैं। संभवत: वह अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी जंग लड़ रही है। हसीन मिर्जा की जिंदगी में भूचाल आ चुका है। हसीन की खुशियों को ग्रहण किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि अपनों ने लगाया है। पति की दगाबाजी और उत्पीड़न से तंग आकर उसे समाज के समक्ष अपना दर्द उजागर करना पड़ा है। पति ने लंबे समय तक मानसिक एवं शारीरिक शोषण करने के अलावा संपत्तियों पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है।
अदालत में मामला विचाराधीन
संपत्तियों के किराए का पैसा भी हसीन को नहीं मिल रहा। अदालत में मामला विचाराधीन है, मगर तारीख पर आरोपी नहीं पहुंच रहे। इसके चलते हसीन को न्याय मिलने में निरंतर देरी हो रही है। 1980-90 के दौर में मुंबई में हाजी मस्तान का एकछत्र राज चलता था। गैरकानूनी कार्यों को अंजाम देने के अतिरिक्त उसने फिल्मों के निर्माण में भी मोटी रकम का निवेश किया था। उस समय मस्तान को चुनौती देने की हिम्मत दुश्मनों में भी नहीं थी। ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति की बेटी यदि आज खुद को बेबस व लाचार समझ रही है तो यह सब समय की माया है।
खैर माफिया डॉन की बेटी होने से अलग हसीन मस्तान एक महिला भी है। हसीन से जुड़ा मामला बताता है कि देश में न्याय मिलना कितना मुश्किल है। ताकत और दौलत के बल पर आरोपी अक्सर कानून के साथ खिलवाड़ करने से नहीं चूकते हैं। महिलाओं से जुड़े अपराधों के आंकड़े यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि समय के साथ कानून बेशक मजबूत हो गए, मगर न्याय मिलने की प्रक्रिया में तेजी नहीं आ सकी है। इसके चलते अपराधियों का मनोबल नहीं टूट रहा। हसीन मस्तान के आरोपों के मुताबिक उसके पति ने एक दो नहीं बल्कि आठ शादी कर रखी हैं।
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वायरल वीडियो में हसीन ने दिवंगत पिता को याद कर इस बात का जिक्र किया है कि अब्बा, आपने कितने जरूरतमंदों को न्याय दिलाया था। आज आपकी बेटी को दुनिया की सहायता की जरूरत है। हसीन मस्तान का मामला समाज में उन महिलाओं की पीड़ा को भी सामने रखता है, जिन्हें अपनों के कारण अपार दुख-दर्द का सामना करना पड़ता है।
देश में न्याय मिलने में अनावश्यक देरी पर अक्सर सवाल उठते हैं। विभिन्न अदालतों में विचाराधीन वादों की संख्या लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में है। जिस रफ्तार में मामले कोर्ट में पहुंचते हैं, उनके निस्तारण की प्रक्रिया इतनी तेज नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए कि हसीन मस्तान को जल्द न्याय मिल सकेगा। हसीन ने चुनौतियों के आगे न झुकने का संकल्प भी जाहिर किया है।



