ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से 7 सूत्रीय मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा

सुल्तानपुर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ सिंह के निर्देश पर मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौपा जिसमें संबद्ध पत्रकार प्रदेश के सुदूर अंचलों में आम जनमानस की समस्याओं को उठाने और शासन-प्रशासन तक पहुंचाने तथा शासन की विकासोन्मुख प्राथमिकताओं को अपने अपने अखबार के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं,और कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीण पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त धारा को बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभा रहे है।

और ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं और उनके कल्याण से जुड़ी निम्नलिखित सात सुत्रीय मांग की है।ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के लिए राज्य मुख्यालय लखनऊ में शासन की तरफ से,अन्य संगठनों की भांति कार्यालय हेतु भवन का आवंटन दारुलसफा या ओसीआर में किया जाए। जिससे सुदूर जनपदों से आने वाले पत्रकारों को रुकने तथा प्रदेश स्तरीय बैठक करने की समस्या का निदान हो सके।

मान्यता-प्राप्त पत्रकारों की तरह ही ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए।

ताकि वह और उनका परिवार मुफ्त कैशलेश इलाज करा सके। इस योजना में केवल अखबारों में कार्यरत संवाददाताओं को शामिल किया जाए। जिनकी सूची जिला सूचना कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

ग्रामीण पत्रकारों को शासन स्तर से बीमा योजना में शामिल किया जाए। साथ ही लंबे समय से आंचलिक पत्रकारिता कर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण पत्रकारों को पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। इनकी सूची भी जिला सूचना कार्यालय के माध्यम से तैयार की जाए।ग्रामीण पत्रकारों के विरुद्ध कोई भी प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व जिला पुलिस के किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से जांच की जाए, ताकि पत्रकारों का अनावश्यक उत्पीड़न रोका जा सके।

राज्य एवं जिला स्तर पर स्थायी समिति की भांति तहसील स्तर पर भी प्रशासनिक अफसरों के साथ ग्रामीण पत्रकारों की नियमित बैठकें कराई जाएं। शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सभी संबंधित तहसील अध्यक्षों को इसमें अनिवार्य रूप से शामिल किया जाय।

प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत ग्रामीण पत्रकार के परिजनों को किसान बीमा योजना की तरह तत्काल 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाए।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए, जिससे शोकग्रस्त परिवार को संकट की घड़ी में सहारा मिल सके।इसकी सूची भी जिला सूचना कार्यालय से तैयार की जाए ।

ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले फर्जी पत्रकारों की शिनाख्त कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिला स्तर पर स्थायी समिति की बैठक बुलाकर असली और फर्जी पत्रकारों की पहचान की जाए तथा चिन्हित व्यक्तियों को नोटिस देकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

जिस प्रकार से बिंदुओं पर सकारात्मक निर्णय लेकर ग्रामीण पत्रकारों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए, जिससे वे निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।इस मौके पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य राम सुन्दर यादव, कन्हैया लाल यादव जिला अध्यक्ष, आशीष कुमार मौर्य महामंत्री ,जगन्नाथ वर्मा ,उषा सिंह, अनिरुद्ध चौरसिया, संतोष मिश्रा,मथुरा प्रसाद,वाई पी शाही,रमेश भारती, अरविंद पांडेय,राम प्रताप पाठक,करूणा शंकर तिवारी, शिशिर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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