November 1st से ऑनलाइन सेवाओं के शुल्क बढ़ाने की तैयारी शुरू, बैंक देंगे करारा झटका

बीते डेढ़ दशक में बैंकिंग सेवाओं में काफ़ी सुधार हुआ है लेकिन बैंक लगभग हर सेवा पर शुल्क लगा रहे हैं, जिससे ग्राहकों को नुकसान हो रहा है। अब बैंक November 1st से ऑनलाइन सेवाओं के शुल्क बढ़ाकर ग्राहकों को झटका देने की तैयारी में हैं। इस फ़ैसले से लाखों ग्राहक प्रभावित होंगे।

सरकारी और निजी बैंकों ने कई नए सेवा शुल्कों की घोषणा की है, जो आने वाले दिनों में लागू होंगे। SBI ने क्रेडिट कार्ड के लिए नई शुल्क शर्तों की घोषणा की है। अब रिवॉर्ड पॉइंट्स से खरीदे गए उत्पादों या वाउचर पर 99 रुपये का शुल्क देना होगा।

SBI का शुल्क

बिजली, फ़ोन, गैस आदि के लिए पचास हजार रुपए से ज़्यादा के भुगतान पर 1% शुल्क।

कॉलेज और स्कूल की फ़ीस भरने के लिए थर्ड-पार्टी ऐप या वेबसाइट के ज़रिए किए गए भुगतान पर 1 फीसदी शुल्क लगेगा। स्कूल या कॉलेज को सीधे किए गए भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। डिजिटल वॉलेट में एक हजार रुपये से ज़्यादा की राशि जमा करने पर 1% शुल्क लगेगा।

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रात्रिकालीन लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क

एचडीएफसी बैंक रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच कैश रिसाइकलर मशीनों में जमा की गई नकदी पर सभी खातों से प्रति लेनदेन 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लेगा। ये दरें November 1st से लागू होंगी। इससे कम आय वाले ग्राहकों पर अधिक बोझ पड़ने की संभावना है।

किस सेवा के लिए कितना शुल्क है?

  • डुप्लीकेट पासबुक 100 रुपये,
  • प्रविष्टि सहित डुप्लीकेट पासबुक 50 रुपये प्रति पृष्ठ
  • अतिरिक्त चेक भुगतान पर रोक 200 रुपये प्रति चेक
  • ग्राहक की गलती से चेक बाउंस होने पर 150 रुपये
  • हस्ताक्षर सत्यापन 100 रुपये
  • संयुक्त बैंक खाते में हस्ताक्षर सत्यापन 150 रुपये
  • डिमांड ड्राफ्ट (5 से 10 हजार रुपये) 75 रुपये
  • डाक शुल्क 50 से 100 रुपये
  • नकद निकासी (5 बार के बाद) 75 रुपये प्रति बार
  • खाता रखरखाव शुल्क 500 रुपये
  • एसएमएस अलर्ट 10 से 35 रुपये प्रति तिमाही
  • मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी बदलने पर 50 रुपये + जीएसटी
  • डेबिट कार्ड रखरखाव शुल्क 250 से 800 रुपये
  • डेबिट कार्ड री-पिन बदलने पर 25 से 50 रुपये

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