नई नालियों का हो रहा निर्माण लेकिन पानी की निकासी पर जिम्मेदार मौन
सभी तालाबों पर है अतिक्रमण नहीं हो पा रही पानी की निकासी

सुलतानपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा नई नालियां एवं खड़ंजे का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है लेकिन नालियों की पानी की निकासी तालाबों में न होने के कारण नालियों में ही पानी भरा रहता है जिसके कारण बीमारियों का भी डर लगा रहता है और बहुत जल्द ही नाली और खड़ंजे ध्वस्त हो जा रहे हैं और सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचाया जा रहा है कुछ लोगों के मिली भगत से के तालाबों पर अतिक्रमण किए हुए हैं जिसमें निकासी ना होने से इन दिनों मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है।
अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है, बाजार से लेकर आस पास के गांवों तक मच्छरों का आतंक फैलने लगा है। इसके बावजूद मलेरिया विभाग की ओर से अभी तक कहीं भी नियमित छिड़काव या फॉगिंग की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आम जनमानस में नाराजगी देखी जा रही है।
मुख्य बाजार सहित गांवों में नालियों में गंदा पानी जमा रहने तथा सफाई व्यवस्था ठीक न होने के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शाम होते ही मच्छरों के कारण लोगों का घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कई स्थानों पर लोग रात भर मच्छरों से परेशान रहते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में मलेरिया विभाग की ओर से एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाती थी, लेकिन इस बार अभी तक कोई अभियान दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते छिड़काव नहीं कराया गया तो मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
जनता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पूरे जनपद में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाए, ताकि संभावित बीमारियों से बचाव किया जा सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अभियान चलाकर प्रभावित क्षेत्रों में छिड़काव कराया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में मच्छरों का प्रकोप और बढ़ सकता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। जिला मलेरिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मस्त हैं कहीं पर छिड़काव नहीं कराया जा रहा है



